छत्तीसगढ़ी मूल के रामेश्वर तेली को असम सरकार में मिली बड़ी जिम्मेदारी

Aishwarya Dwivedi | May 15, 2026, 13:44 IST
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असम कैबिनेट में शामिल हुए रामेश्वर तेली का जीवन संघर्ष और सादगी की मिसाल है। छत्तीसगढ़ी मूल के तेली ने सब्जी बेचने से लेकर केंद्रीय मंत्री और अब असम में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर तय किया है।

असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कैबिनेट का विस्तार हुआ है, जिसमें दुलियाजान से विधायक रामेश्वर तेली को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। रामेश्वर तेली का चयन उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में उनकी पकड़ को देखते हुए किया गया है।



छत्तीसगढ़ से पारिवारिक संबंध

रामेश्वर तेली मूल रूप से छत्तीसगढ़ी संस्कृति से आते हैं। उनके पूर्वज करीब 140 साल पहले छत्तीसगढ़ के बालोद जिले (घुमका गांव) से असम गए थे। उनके पूर्वज चाय बागानों में मजदूरी करने के लिए विस्थापित हुए थे। तेली आज भी छत्तीसगढ़ी भाषा बोलते हैं और उनका ननिहाल धमतरी जिले में स्थित है। असम के चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले लाखों छत्तीसगढ़िया लोगों के बीच उनकी गहरी पैठ मानी जाती है।



आजीविका के लिए किया संघर्ष

रामेश्वर तेली का शुरुआती जीवन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता ड्राइवर थे और माता चाय बागान में काम करती थीं। परिवार की आर्थिक मदद के लिए उन्होंने बचपन में चाय की दुकान के बाहर पान-सुपारी बेचने और सब्जियां बेचने का काम भी किया।



राजनीतिक उतार-चढ़ाव के दौरान भी उन्होंने वैकल्पिक कार्यों का सहारा लिया। साल 2011 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद उन्होंने अपना घर चलाने के लिए मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया था। वे अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और वर्तमान में भी असम के टिपलिंग पुराना घाट स्थित एक साधारण घर में रहते हैं।



राजनीतिक करियर की मुख्य बातें

रामेश्वर तेली असम भाजपा के एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनके करियर के मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं:



सांसद और केंद्रीय मंत्री: वह साल 2014 और 2019 में डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट से लगातार दो बार सांसद निर्वाचित हुए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभाई।



2024 का चुनाव: 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट न देकर पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को डिब्रूगढ़ से उम्मीदवार बनाया था।



विधानसभा में वापसी: लोकसभा टिकट कटने के बाद उन्होंने दुलियाजान विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी ध्रुबा गोगोई को हराकर जीत दर्ज की।



अब उन्हें राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल कर असम के प्रशासनिक कार्यों में बड़ी भूमिका सौंपी गई है।



निष्कर्ष

रामेश्वर तेली का सफर चाय बागानों के संघर्ष से लेकर कैबिनेट मंत्री तक का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनकी छत्तीसगढ़ी जड़ें और सादगी उन्हें जनता से जोड़ती हैं। लोकसभा टिकट कटने के बाद विधानसभा में उनकी शानदार वापसी और अब राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होना, असम की राजनीति में उनके अटूट कद को दर्शाता है।



FAQ

1. रामेश्वर तेली कौन हैं?


वे असम सरकार में नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री और दुलियाजान से भाजपा विधायक हैं।



2. उनका छत्तीसगढ़ से क्या संबंध है?


उनके पूर्वज 140 साल पहले छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से असम जाकर बस गए थे। वे आज भी छत्तीसगढ़ी बोलते हैं।



3. राजनीति में आने से पहले उन्होंने क्या किया?


आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने बचपन में पान-सुपारी और सब्जियां बेचीं। 2011 में चुनाव हारने के बाद उन्होंने मुर्गी पालन भी किया था।



4. उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?


वे डिब्रूगढ़ से दो बार सांसद और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे असम में विधायक और कैबिनेट मंत्री हैं।



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