छत्तीसगढ़ आरटीई का कड़वा सच ; दाखिला 100%, लेकिन 12वीं तक पहुंच रहे सिर्फ 15% बच्चे

Aishwarya Dwivedi | Apr 25, 2026, 19:11 IST
Share
rte-enrollment-vs-dropout-reality
rte-enrollment-vs-dropout-reality

छत्तीसगढ़ में आरटीई से हजारों बच्चों को प्रवेश मिल रहा, पर 85% बीच में पढ़ाई छोड़ रहे हैं। आर्थिक, शैक्षणिक दबाव और स्कूल बदलने की कठिन प्रक्रिया प्रमुख कारण हैं।

NEWS IN SHORT

  • आरटीई में दाखिला बढ़ा, पर निरंतरता बड़ी समस्या बनी
  • 85 प्रतिशत बच्चे 12वीं से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते
  • 9वीं-10वीं में बढ़ता दबाव ड्रॉपआउट का प्रमुख कारण बनता
  • स्कूल बदलने की प्रक्रिया जटिल, सीट और दूरी बाधा
  • आर्थिक कमजोरी और अतिरिक्त खर्च पढ़ाई जारी रखना मुश्किल बनाते

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत इस वर्ष 21,983 मासूमों के लिए निजी स्कूलों के दरवाजे खुल रहे हैं। पहली कक्षा में दाखिले का उत्साह तो दिखाई दे रहा है, लेकिन आंकड़ों की परतों को उधेड़ें तो एक कड़वी हकीकत सामने आती है। सरकार जिस मंशा के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा के सपने दिखा रही है, वे सपने 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ रहे हैं।

शिक्षा की आधी-अधूरी डगर

आरटीई की आधिकारिक वेबसाइट और हालिया रुझान बताते हैं कि राज्य में दाखिला लेने वाले बच्चों में से महज 10 से 15 प्रतिशत ही स्कूली शिक्षा के अंतिम पड़ाव यानी 12वीं तक पहुंच पा रहे हैं। सत्र 2023-24 में पहली कक्षा से 12वीं तक पहुंचने वालों का आंकड़ा मात्र 10 प्रतिशत था, जो 2024-25 में मामूली सुधार के साथ 17 प्रतिशत तक पहुंचा है। यानी आज भी लगभग 85 प्रतिशत बच्चे बीच रास्ते में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) को मजबूर हैं।

आठवीं के बाद 'हवा' हो जाती है निरंतरता

विशेषज्ञों के अनुसार, आरटीई कानून के तहत आठवीं तक तो बच्चों को सुरक्षा मिलती है, लेकिन असली अग्निपरीक्षा नौवीं कक्षा से शुरू होती है। नियमों के मुताबिक, आठवीं के बाद स्कूल बदलने और नौवीं में प्रवेश के लिए 'निरंतरता' का विकल्प तो है, लेकिन यह 'पहुंच सीमा' और सीटों की उपलब्धता जैसी जटिल शर्तों के अधीन है। नोडल प्राचार्यों के सर्वे और जटिल कागजी प्रक्रिया के कारण कई छात्र अपनी पसंद के स्कूल में पढ़ाई जारी नहीं रख पाते।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का पक्ष

प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि इन बच्चों की पृष्ठभूमि अक्सर चुनौतीपूर्ण होती है। नौवीं कक्षा में आते ही पाठ्यक्रम का स्तर और पढ़ाई का दबाव अचानक बढ़ जाता है। सिस्टम की सबसे बड़ी विसंगति यह है कि यदि कोई छात्र नौवीं में एक बार फेल हो जाता है, तो उसे आरटीई के लाभ से वंचित कर दिया जाता है। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर इन बच्चों के पास फेल होने के बाद कोई 'प्लान-बी' नहीं होता और वे शिक्षा तंत्र से हमेशा के लिए बाहर हो जाते हैं।

बुनियादी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का अभाव

एक अन्य बड़ी चुनौती स्कूलों का स्तर है। प्रदेश के कई निजी स्कूल केवल पांचवीं या आठवीं तक ही संचालित होते हैं। ऐसे में आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को सरकारी स्कूलों की ओर रुख करना पड़ता है।

स्कूल बदलने की इस प्रक्रिया में तालमेल नहीं बैठ पाता और बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। रायपुर जैसे शहरों में कई बोर्डिंग स्कूलों में पांचवीं के बाद आरटीई के प्रवेश न देने की नीति भी इस समस्या को और गंभीर बनाती है।

अदृश्य खर्चे और पलायन की मार

भले ही आरटीई में ट्यूशन फीस माफ है, लेकिन यूनिफॉर्म, जूते, किताबें, कॉपियां और परिवहन का खर्च गरीब परिवारों के बजट से बाहर हो जाता है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में मौसमी पलायन एक बड़ी समस्या है। काम की तलाश में जब माता-पिता शहर बदलते हैं, तो बच्चों की पढ़ाई वहीं ठहर जाती है।

छात्रवृत्ति और सरलीकरण जरूरी

जानकारों का मानना है कि केवल दाखिला देना काफी नहीं है। सरकार को इन बच्चों के लिए विशेष छात्रवृत्ति शुरू करनी चाहिए ताकि वे पढ़ाई के अतिरिक्त खर्चों को वहन कर सकें। साथ ही, नौवीं कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया को 'सिंगल विंडो' के माध्यम से सरल बनाना और कमजोर बच्चों के लिए स्कूलों में 'रेमेडियल क्लासेस' (अतिरिक्त कक्षाएं) अनिवार्य करना समय की मांग है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ आरटीई के तहत प्रवेश बढ़ रहा है, लेकिन निरंतरता बड़ी चुनौती बनी हुई है। आर्थिक कमजोरी, स्कूल बदलने की जटिल प्रक्रिया और 9वीं-10वीं का बढ़ता दबाव बच्चों को बीच में ही बाहर कर देता है। प्रभावी सुधार, छात्रवृत्ति और आसान ट्रांजिशन व्यवस्था से ही 12वीं तक पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है।



यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों की गांधीगिरी ; शासन को भेजेंगे गुलाब और 'प्रेम-पत्र', आरटीई को लेकर बढ़ा टकराव

आरटीई एडमिशन छत्तीसगढ़ : RTE सीटों पर मनमानी की तो मान्यता होगी रद्द, हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद सरकार का अल्टीमेटम

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार की गड़बड़ी, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से आरटीई मामले में मांगा जवाब

प्राइवेट स्कूलों को देना ही होगा आरटीई के तहत एडमिशन, हाईकोर्ट ने खारिज की निजी स्कूलों की याचिका

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन
  • शिक्षा का अधिकार
  • छात्रवृत्ति
  • छत्तीसगढ़ आरटीई
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग