छत्तीसगढ़ RTE में बड़ा बदलाव : दूसरे चरण के लिए अब नहीं लिए जाएंगे नए आवेदन
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत इस बार दाखिला प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट कर दिया है कि दूसरे चरण के लिए नए आवेदन नहीं लिए जाएंगे। इस बार पूरी प्रक्रिया केवल पहले चरण में प्राप्त आवेदनों के आधार पर ही पूरी की जाएगी। यह फैसला राज्य में सीमित सीटों और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रदेश में आरटीई के तहत कुल 23,139 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें से लगभग 14 हजार सीटों पर पहले ही बच्चों का दाखिला हो चुका है। शेष सीटों को भरने के लिए अब नई आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होगी।
पुरानी अर्जी से ही होगा सीटों का आवंटन
नए नियम के मुताबिक जिन अभिभावकों ने पहले चरण में आवेदन किया था, उन्हीं के आधार पर आगे की पूरी प्रक्रिया संचालित की जाएगी। यदि किसी छात्र को पहले चरण में सीट नहीं मिलती है, तो उन्हें दूसरे विद्यालय का विकल्प चुनने का अवसर दिया जाएगा।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना और कम सीटों के बीच दोबारा आवेदन की भीड़ को रोकना बताया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि उपलब्ध सीटों के अनुसार ही आगे का आवंटन किया जाएगा।
17 जून से 3 जुलाई तक होगा सत्यापन कार्य
आरटीई प्रक्रिया के संशोधित शेड्यूल के अनुसार 17 जून से 3 जुलाई तक आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया चलेगी। इस दौरान नोडल अधिकारी पहले चरण में आए सभी आवेदनों की जांच करेंगे।
इसके बाद 17 से 30 जून के बीच अभिभावक अपने आवेदन में आवश्यक संशोधन भी कर सकेंगे। विभाग ने यह भी व्यवस्था दी है कि जिन बच्चों को पहले चरण में स्कूल आवंटित नहीं हुआ है, वे इस दौरान नया स्कूल चयन कर सकते हैं।
6 जुलाई को निकलेगी लॉटरी, तय होंगे दाखिले
शिक्षा विभाग के अनुसार आरटीई सीटों के आवंटन के लिए 6 जुलाई को लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इसी लॉटरी के आधार पर अंतिम रूप से बच्चों को स्कूलों में प्रवेश मिलेगा।
यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने का दावा किया गया है ताकि सीमित सीटों के बीच योग्य छात्रों को उचित अवसर मिल सके। विभाग का मानना है कि इससे समय की बचत भी होगी और प्रशासनिक दबाव भी कम होगा।
फीस प्रतिपूर्ति विवाद और निजी स्कूलों का रुख
आरटीई सत्र 2026-27 को लेकर इस बार कई विवाद भी सामने आए हैं। निजी स्कूलों ने लंबे समय तक फीस प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि न होने का विरोध करते हुए आरटीई का बहिष्कार किया था।
पहले चरण की चयन सूची जारी होने के बावजूद कई स्कूलों ने छात्रों को प्रवेश देने में देरी की थी। हालांकि बाद में निजी स्कूलों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और प्रवेश प्रक्रिया शुरू की।
अब सरकार ने इस मुद्दे पर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए फीस प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। माना जा रहा है कि इससे आने वाले समय में आरटीई व्यवस्था अधिक संतुलित हो सकती है।
क्या बदला इस बार आरटीई प्रक्रिया में
दूसरे चरण के लिए नए आवेदन पूरी तरह बंद
केवल पहले चरण के आवेदनों पर होगा आवंटन
23,139 सीटों में से 14 हजार पहले ही भर चुकी
6 जुलाई को होगी लॉटरी प्रक्रिया
फीस प्रतिपूर्ति बढ़ाने के लिए कमेटी गठित
निष्कर्ष
आरटीई प्रक्रिया में यह बदलाव सीमित सीटों और प्रशासनिक सुधार को ध्यान में रखकर किया गया है। हालांकि इससे नए आवेदकों के लिए अवसर सीमित हो गया है, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे पूरी प्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
FAQ
- क्या आरटीई में इस बार दूसरे चरण के लिए नए आवेदन लिए जाएंगे?
नहीं, इस बार शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि दूसरे चरण में कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया सिर्फ पहले चरण में आए आवेदनों के आधार पर ही पूरी की जाएगी। - सीटों का आवंटन किस आधार पर होगा?
प्रदेश में जितने भी आवेदन पहले चरण में प्राप्त हुए थे, उन्हीं के आधार पर रिक्त सीटों का आवंटन किया जाएगा। जिन बच्चों को पहले स्कूल नहीं मिल पाया है, उन्हें विकल्प बदलने का मौका दिया जाएगा। - लॉटरी प्रक्रिया कब और कैसे होगी?
आरटीई सीटों के लिए 6 जुलाई को लॉटरी निकाली जाएगी। इसी लॉटरी के जरिए बच्चों का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और उसी के आधार पर स्कूल आवंटित होंगे।
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