सहारा घोटाला : रिफंड पोर्टल बंद, 89 हजार करोड़ रुपए फंसे

Aishwarya Dwivedi | Jul 30, 2026, 11:47 IST
सहारा स्कैम रिफंड पोर्टल बंद
सहारा इंडिया के निवेशकों के 89 हजार करोड़ रुपए फंसे हैं। पोर्टल पर सीमा 10 लाख हुई, लेकिन भुगतान 50 हजार ही मिल रहा। वेरिफिकेशन सर्वर बंद होने से अर्जी निरस्त हो रही।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सहारा इंडिया में देशभर के करोड़ों निवेशकों के पैसे फंसे हैं।
  • रिफंड के लिए सरकार ने विशेष पोर्टल की शुरुआत की थी।
  • पोर्टल पर जमा दावों में से अधिकांश अर्जी रिजेक्ट हो रही है।
  • सत्यापन करने वाला ऑनलाइन पोर्टल महीनों से बंद पड़ा है।
  • निवेशक आज भी अपने पैसों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

सहारा के दावे हुए फेल

सहारा इंडिया की निवेश योजनाओं में देश के लाखों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हुई। जुलाई 2023 में सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया गया। मकसद था कि पीड़ित निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रिफंड का दावा केवल एक छलावा साबित हो रहा है।



रिफंड की लिमिट पर असलियत अलग

सरकार ने रिफंड का दावा सीमा 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी। लेकिन वास्तव में निवेशकों को केवल 50 हजार रुपए ही मिल रहे हैं। यदि किसी का 50 लाख या एक करोड़ रुपए फंसा है, तो भी उसे एक बार में 50 हजार रुपए ही मिलेंगे। इससे अधिक की राशि किसी को नहीं दी जा रही है।



दस्तावेज सत्यापन की बड़ी समस्या

रिफंड न मिलने की सबसे बड़ी वजह दस्तावेजों का सत्यापन है। निवेशकों का पूरा रिकॉर्ड सहारा के पास है। रिफंड आवेदनों की जांच भी वही कर रहा है। कई जगहों पर रिजेक्शन की दर 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। रिकॉर्ड न मिलने या डेटा का मिलान न होने जैसे कारण बताए जा रहे हैं।



सहारा घोटाला


वेरिफिकेशन पोर्टल पड़ा है बंद

निवेशक पोर्टल पर आवेदन तो कर रहे हैं, लेकिन आगे की प्रक्रिया रुकी है। दस्तावेज जांच के लिए सहारा के अपने सर्वर पर भेजे जाते हैं। सर्वर अक्टूबर 2025 से बंद पड़ा है। सेवा देने वाले वेंडरों को भुगतान नहीं मिला है। इस वजह से वेरिफिकेशन का काम पूरी तरह से ठप हो गया है।



हजारों करोड़ रुपये अब भी फंसे

देशभर के करीब 1.04 करोड़ निवेशकों के 89 हजार करोड़ रुपए अब भी फंसे हुए हैं। मार्च 2026 तक बहुत कम राशि का ही वास्तविक भुगतान हो सका है। सहारा-सेबी (SEBI – Securities and Exchange Board of India) के खाते में जमा रकम भी नाकाफी साबित हो रही है। निवेशक अब भी राहत की उम्मीद में अदालत की तरफ देख रहे हैं।



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