आईआईएम में जुटेगी साय सरकार, सुशासन के नए मॉडल पर होगा मंथन
RAIPUR : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत पूरी कैबिनेट 4 और 5 जुलाई को नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में दो दिनों तक चिंतन करेगी। सुशासन को और धार देने के लिए चिंतन शिविर 3.0 में मुख्यमंत्री समेत पूरा मंत्रिमंडल हिस्सा लेगा। सरकार का मकसद प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाते हुए भविष्य की विकास रणनीति तैयार करना है।
इस बार के चिंतन शिविर का मुख्य फोकस सुशासन, प्रशासनिक सुधार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शासन, रोजगार सृजन और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार पर रहेगा। सरकार विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा करने के साथ आगामी महीनों की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना को अंतिम रूप देगी। इसके जरिए शासन-प्रशासन में नई कार्यसंस्कृति विकसित करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण:
शिविर में देश के प्रतिष्ठित नीति विश्लेषक, प्रबंधन विशेषज्ञ और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखेंगे। विशेषज्ञों द्वारा गुड गवर्नेंस, नीति निर्माण, नेतृत्व विकास, विकास प्रशासन, तकनीकी नवाचार और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर विशेष सत्र लिए जाएंगे। इन चर्चाओं के आधार पर सरकार भविष्य की नीतियों और प्रशासनिक सुधारों की दिशा तय करेगी।
सरकार का मानना है कि बदलते समय में तकनीक आधारित प्रशासन और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था से आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से इस बार चिंतन शिविर में एआई आधारित शासन और डिजिटल प्रशासन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा:
चिंतन शिविर के दौरान सभी विभागों की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों की समीक्षा होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है। रोजगार सृजन, निवेश, सेवा वितरण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए भी विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है।
पहले दो चिंतन शिविरों से मिले अनुभवों का होगा उपयोग:
साय सरकार इससे पहले भी दो चिंतन शिविर आयोजित कर चुकी है। पहला चिंतन शिविर 31 मई और 1 जून 2024 को नया रायपुर स्थित आईआईएम में आयोजित हुआ था। उस दौरान विकसित छत्तीसगढ़-2047 के विजन, सुशासन, नीति निर्माण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने जैसे विषयों पर व्यापक मंथन किया गया था।
इसके बाद 8 और 9 जून 2025 को आयोजित चिंतन शिविर 2.0 में सरकार ने अपने डेढ़ वर्ष के कामकाज की समीक्षा की थी।
विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का आकलन करने के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए थे। सरकार का कहना है कि पिछले दोनों चिंतन शिविरों से मिले अनुभवों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए इस बार चिंतन शिविर 3.0 को अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाया गया है। इस बार विशेष रूप से प्रशासनिक सुधार, तकनीक आधारित सुशासन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर फोकस रहेगा।
निष्कर्ष:
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस दो दिवसीय मंथन से प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और नागरिक सेवाओं में सुधार की दिशा में ठोस रणनीति तैयार होगी। साथ ही यह चिंतन शिविर आने वाले समय में प्रदेश के विकास, सुशासन और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
FAQ
- चिंतन शिविर 3.0 कब और कहां होगा?
यह शिविर 4 और 5 जुलाई को नया रायपुर स्थित आईआईएम में होगा। इसमें मुख्यमंत्री समेत पूरी कैबिनेट शामिल होगी। यह दो दिन तक चलेगा। - चिंतन शिविर 3.0 का मुख्य फोकस क्या है?
मुख्य फोकस सुशासन, प्रशासनिक सुधार और एआई आधारित शासन पर है। रोजगार सृजन और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार पर भी जोर रहेगा। योजनाओं की समीक्षा भी होगी। - IIM का पूरा नाम क्या है?
IIM का पूरा नाम Indian Institute of Management है। यह भारत के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में गिना जाता है। नया रायपुर में भी इसका एक परिसर स्थित है।
ये खबरें भी पढ़ें...
प्रदेश में बेलगाम ई-रिक्शा पर MP हाईकोर्ट सख्त: केंद्र-राज्य सरकार से मांगा जवाब
बलौदाबाजार हिंसा : सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब
बृजमोहन का पुराना बयान वायरल, राज्य सरकार रद्द करे हसदेव कोल ब्लॉक की अनुमति
दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति नहीं, राज्य सरकार करे देखभाल: हाईकोर्ट