एक करोड़ का कंप्यूटर घोटाला : कलेक्टर ने बैठाई चार सदस्यीय जांच समिति

VINAY VERMA | Jul 31, 2026, 13:37 IST
साजा-कंप्यूटर-घोटाले-जांच
छत्तीसगढ़ के साजा में विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी में एक करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा है। 60 हजार का सामान 2.5 लाख में खरीदा गया। कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए।

साजा विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा देने के नाम पर खरीदे गए कंप्यूटर अब जांच के घेरे में हैं। विधायक निधि से वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान करीब 40 सरकारी स्कूलों में वितरित कंप्यूटरों की खरीदी में भारी वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। भाजपा विधायक ईश्वर साहू पर आरोप है। शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।



4 गुना कीमत का आरोप

सबसे बड़ा सवाल कंप्यूटरों की कीमत को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि जिस कंप्यूटर सेट की बाजार कीमत करीब 60 हजार रुपए है, उसे लगभग 2.5 लाख रुपए प्रति सेट के हिसाब से खरीदा गया। इस तरह डिजिटल शिक्षा के नाम पर करीब एक करोड़ रुपए की राशि खर्च किए जाने पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी बढ़ रही है।



बिना मांग स्कूलों में पहुंचा सामान

नवागांवकला, केहका, केसतरा और बीजा समेत कई स्कूलों के प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने कंप्यूटर की कोई मांग नहीं की थी। इसके बावजूद स्कूलों में कंप्यूटर भेज दिए गए। कई स्कूलों में न तो कंप्यूटर लैब है और न ही सुरक्षित कमरा। ऐसे में महंगे कंप्यूटर स्टोर रूम, अलमारियों और कक्षाओं के कोनों में रखे धूल फांक रहे हैं और विद्यार्थियों को उनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।



कांग्रेस ने घेरा, विधायक ने दी सफाई

पूर्व विधायक और जिला पंचायत सदस्य समिति में दोनों कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने इसे विधायक निधि का दुरुपयोग बताते हुए पूरे मामले को संगठित भ्रष्टाचार करार दिया है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं साजा विधायक ईश्वर साहू ने कहा कि उन्होंने मांग के अनुसार कलेक्टर को अनुशंसा भेजी थी, जबकि खरीदी की प्रक्रिया प्रशासन ने पूरी की है। उन्होंने भी निष्पक्ष जांच की बात कही है।



एक करोड़ का कंप्यूटर घोटाला


7 दिन में आएगी जांच रिपोर्ट

शिकायतों के बाद अब पूरे मामले की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के पास है। प्रशासन ने कंप्यूटरों की गुणवत्ता, वास्तविक उपलब्धता और खरीदी प्रक्रिया की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगोई ने कहा है कि कंप्यूटर खरीदी को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति कंप्यूटरों की गुणवत्ता, स्कूलों में उपलब्धता और खरीदी प्रक्रिया की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।



अब रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है। यदि शिकायतों में लगाया गया कंप्यूटर घोटालाआरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल महंगी खरीदी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन सकता है। सात दिन बाद आने वाली रिपोर्ट से पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।



FAQ

  1. साजा विधानसभा क्षेत्र में कंप्यूटरों की खरीदी किस निधि से की गई थी?
    उत्तर: विधायक निधि से (वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान)।
  2. कंप्यूटर खरीदी किस निधि से की गई थी?
    उत्तर: यह खरीदी विधायक निधि से वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा प्रदान करना था।

यह खबरें भी पढ़ें...

30 साल पुराने भ्रष्टाचार की फाइलें खुलीं, EOW-ACB ने शुरू की बड़ी कार्रवाई



मंदसौर CMHO निलंबित, 311 पदों की भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप, जांच में खुलासा



एमपी के राजपत्रित अफसर भ्रष्टाचार में सबसे आगे, लोकायुक्त ने किया खुलासा



भ्रष्टाचार पर साय सरकार का बड़ा वार : 10 नए अफसरों की फौज तैयार



Tags:
  • भ्रष्टाचार
  • भाजपा विधायक
  • जिला प्रशासन
  • कंप्यूटर घोटाला
  • विधानसभा
  • डिजिटल शिक्षा