समग्र शिक्षा की 1.24 करोड़ की राशि वापस, स्कूल-छात्रावासों में हाहाकार

Krishna Kumar Sikander | Jul 24, 2025, 12:38 IST
Samagra Shiksha amount returned the sootr
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में समग्र शिक्षा योजना के तहत बड़ी वित्तीय लापरवाही सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य शासन ने जिले को ₹1.24 करोड़ की आहरण सीमा दी थी, ताकि स्कूलों और शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन सुचारु रूप से चलता रहे।

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में समग्र शिक्षा योजना के तहत भारी वित्तीय लापरवाही सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए शासन द्वारा दी गई 1.24 करोड़ रुपये की आहरण सीमा को जिला स्तर पर समय पर स्कूलों और संस्थाओं तक नहीं पहुंचाया गया। नतीजतन, राज्य परियोजना कार्यालय, रायपुर ने यह राशि वापस ले ली। इस लापरवाही से जिले के स्कूलों, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी), और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में संचालन ठप हो गया है।



ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में 1227 व्याख्याताओं को मिला प्रमोशन, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश



कर्मचारियों और छात्रों की मुश्किलें

इस चूक का सबसे ज्यादा असर कर्मचारियों और छात्राओं पर पड़ा है। बीआरसी और केजीबीवी में कार्यरत कर्मचारियों को अप्रैल, मई और जून 2025 का वेतन नहीं मिला, जिससे वे आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। केजीबीवी सरगांव, शारदा, और चातरखार जैसे छात्रावासों में अधीक्षिकाएं छात्राओं के लिए भोजन, बिजली, स्टेशनरी और सैनिटरी सुविधाएं तक नहीं जुटा पा रही हैं। कई स्कूलों को शाला अनुदान न मिलने से शैक्षणिक गतिविधियां और स्कूल प्रबंधन प्रभावित हुआ है।



ये खबर भी पढ़ें... Chhattisgarh में युक्तियुक्तकरण का मामला | शिक्षा विभाग के आदेश से आफत





अधिकारियों पर गाज

इस लापरवाही के लिए कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा, मुंगेली ने तत्कालीन डीएमसी (वर्तमान एडीपीओ) अजय नाथ और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सी.के. घृतलहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों को तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



ये खबर भी पढ़ें... शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई : सार्थक ऐप का दुरुपयोग, कॉलेज के 4 प्रोफेसर निलंबित



क्यों बिगड़े हालात?

सूत्रों के मुताबिक, कलेक्टर ने कई नस्तियों को समय पर मंजूरी दे दी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने फंड हस्तांतरण में जानबूझकर देरी की या लापरवाही बरती। इससे न केवल शासन की योजनाएं प्रभावित हुईं, बल्कि जिले की साख को भी ठेस पहुंची। इस स्थिति ने स्कूलों और छात्रावासों में अव्यवस्था पैदा कर दी।



ये खबर भी पढ़ें... सरकारी शिक्षक बनने का सुनहरा मौका! स्वामी आत्मानंद स्कूलों में 192 पदों पर निकली भर्ती



प्रशासन के लिए चुनौती बना मामला

यह मामला अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या उच्च अधिकारी इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाएंगे? साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए जिला प्रशासन कोई ठोस तंत्र बनाएगा या नहीं, यह देखना बाकी है। फिलहाल, स्कूलों और छात्रावासों में हड़कंप मचा हुआ है, और कर्मचारी व छात्राएं इस लापरवाही की कीमत चुका रहे हैं।



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



मुंगेली समग्र शिक्षा घोटाला | समग्र शिक्षा योजना वित्तीय लापरवाही | छत्तीसगढ़ शिक्षा फंड वापसी | मुंगेली स्कूल संचालन ठप | ₹1.24 करोड़ शिक्षा बजट



Tags:
  • मुंगेली समग्र शिक्षा घोटाला
  • समग्र शिक्षा योजना वित्तीय लापरवाही
  • छत्तीसगढ़ शिक्षा फंड वापसी
  • मुंगेली स्कूल संचालन ठप
  • ₹1.24 करोड़ शिक्षा बजट