सत्यम बालाजी राइस मिल ग्रुप के दुबई और साउथ अफ्रीका में भी गोदाम
Satyam Balaji Rice Mill Group Raipur IT Raid : आयकर विभाग ने बुधवार को रायपुर के बड़े राइस मिल ग्रुप सत्यम बालाजी के महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुल 27 ठिकानों पर दबिश दी थी। इनमें अकेले रायपुर में 10 जगहों पर दबिश दी गई थी। सत्यम बालाजी राइस मिलर और जगुआर शो-रूम चलाने वाले पुरुषोत्तम अग्रवाल और उनके भाई के ठिकानों पर छापेमारी में हुए खुलासे से आयकर विभाग के अफसर भी हैरान हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि छत्तीसगढ़ के अलावा इस फर्म के काकीनाड़ा, दुबई और साउथ अफ्रीका में भी गोदामों का पता चल रहा है।जानकारी के अनुसार विभाग ने बैंकों से 20 खातों का हिसाब मांगा है। इसके साथ ही 12 बैंक लॉकर की जांच की अनुमति ले ली गई है।
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20 साल में खड़ा किया कारोबार
बताया जा रहा है कि सत्यम बालाजी राइस मिलर्स ग्रुप का छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स से लेना-देना ही नहीं है। यहां तक बताते हैं कि यह ग्रुप राइस मिलर्स एसोसिएशन का सदस्य भी नहीं है। जानकारी के मुताबिक इस ग्रुप ने महज 20 साल में बड़ा कारोबार स्थापित किया है। आयकर विभाग की टीमें अभी भी पुरुषोत्तम अग्रवाल और भाई के राजीवन नगर स्थित निवास, राठौर चौक स्थित गोदाम, जगुआर शोरूम और भनपुरी की राइस मिल में डटी हैं। मोवा के इस ग्रुप के एक परिसर के भीतर आयकर विभाग को छह राइस मिलें मिली हैं, जबकि सड़क से एक ही मिल नजर आती है। इस ग्रुप ने छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, ओड़िशा, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में गोदामों के साथ-साथ कमीशन एजेंट्स का जाल फैला रखा है और आईटी की टीमें इनमें से अधिकांश जगह मौजूद हैं।
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1.50 करोड़ नगद और 4 लॉकर मिले
जानकारी के अनुसार पहले दिन शाम 5 बजे तक 1.50 करोड़ नगद और 4 लॉकर मिले थे। बड़ी मात्रा में ज्वेलरी भी मिली थी। इसका मुल्यांकन होगा। इसे सीज नहीं किया गया है। इस ग्रुप का छत्तीसगढ़ के साथ ,महाराष्ट्र ओडिशा, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में भी बड़ा कारोबार है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर काम नगदी में करता है। जानकारी के अनुसार इनके यहां कुछ साल पहले भी दबिश दी गई थी। इसके बाद से इस समूह ने मोड ऑफ बिजनेस बदल दिया था। सारा काम नगद में करने लगा। प्राफिट को ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट में निवेश करने लगा था।
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FAQ
- सत्यम बालाजी राइस मिल ग्रुप पर आयकर विभाग की छापेमारी क्यों की गई ?
आयकर विभाग ने सत्यम बालाजी राइस मिल ग्रुप के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, क्योंकि इस ग्रुप पर भारी मात्रा में नगद लेन-देन और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का आरोप था। विभाग ने इस ग्रुप के बैंकों से 20 खातों का हिसाब मांगा और 12 बैंक लॉकर की जांच की अनुमति प्राप्त की। - सत्यम बालाजी राइस मिल ग्रुप का कारोबार कहां-कहां फैला हुआ है ?
सत्यम बालाजी राइस मिल ग्रुप का कारोबार छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी फैला हुआ है। इस ग्रुप ने इन राज्यों में गोदाम और कमीशन एजेंट्स का एक बड़ा नेटवर्क स्थापित किया है। - छापेमारी के दौरान कितनी नगद राशि और ज्वेलरी मिली ?
छापेमारी के पहले दिन शाम 5 बजे तक आयकर विभाग को 1.50 करोड़ रुपये की नगद राशि और 4 बैंक लॉकर मिले थे। इसके अलावा, बड़ी मात्रा में ज्वेलरी भी मिली थी, जिसका मूल्यांकन किया जा रहा है।
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