एक करोड़ की धोखाधड़ी में एसबीआई कियोस्क संचालक अरेस्ट, लैपटॉप भी जब्त

Umeshwari Baghel | Sept 21, 2026, 17:35 IST
SBI कियोस्क में बड़ा फर्जीवाड़ा
छत्तीसगढ़ के धमतरी में SBI कियोस्क संचालक पर 1 करोड़ से ज्यादा रुपए के गबन का आरोप लगा है। भखारा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लैपटॉप और 29 खाताधारकों के FD बॉन्ड जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Dhamtari। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में SBI कियोस्क के जरिए खाताधारकों से धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। भखारा पुलिस ने कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपए की वित्तीय अनियमितता और गबन का आरोप है।



पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कियोस्क सेंटर का लैपटॉप और 29 खाताधारकों के फिक्स डिपॉजिट (FD) बॉन्ड दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।



SBI अनुबंध के तहत चल रहा था कियोस्क सेंटर

मामला धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक ग्राम कोरा में SBI ग्राहक सेवा केंद्र यानी कियोस्क का संचालन किया जा रहा था। यह कियोस्क NICT Technologies Pvt. Ltd के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक के अनुबंध पर संचालित था।



कंपनी ने कियोस्क संचालन की जिम्मेदारी केशव राम साहू को दी थी। आरोपी केशव राम साहू की उम्र 40 वर्ष बताई गई है। वह मूल रूप से बालोद जिले के देवकोट का रहने वाला है। वर्तमान में वह रायपुर के बोरिया खुर्द क्षेत्र में रह रहा था।



10 साल तक खाताधारकों के साथ अनियमितता का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2015 से 2025 के बीच कथित तौर पर वित्तीय गड़बड़ी की। आरोप है कि इस दौरान खाताधारकों के बैंकिंग दस्तावेजों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया।



जांच के अनुसार 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 तक की अवधि में करीब 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपए की राशि के गबन की बात सामने आई है।



इस मामले में NICT Technologies के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर ने भखारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।



धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी पर धोखाधड़ी, कूटरचना और दस्तावेजों में हेरफेर जैसे आरोप लगाए गए हैं।



पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।



पूछताछ में सामने आई जानकारी

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध से जुड़ी जानकारी दी।



इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर से एक Lenovo कंपनी का लैपटॉप बरामद किया गया। इसके अलावा 29 खाताधारकों के FD बॉन्ड पेपर भी जब्त किए गए हैं।



पुलिस का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इससे मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा।



खाताधारकों से जुड़ी जानकारी खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब उन सभी खाताधारकों की जानकारी जुटा रही है जिनसे जुड़ी वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने किस तरीके से खातों और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।



धमतरी पुलिस के अनुसार वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई लगातार जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी।



ये खबरें भी पढ़े...

कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए एसबीआई में इंटर्नशिप का मौका, करें अप्लाई



MP News | वसूली, म*र्डर केस से जमीन सौदे तक... सस्पेंडेड लेडी CSP के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट से बढ़ी हलचल



धमतरी पुलिस कस्टडी में मौत मामला: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार, देना होगा मुआवजा



जमीन की डील में साजिश और धोखाधड़ी में फंसी नेहा पच्चीसिया, FIR दर्ज



Tags:
  • धोखाधड़ी
  • धमतरी
  • अरेस्ट
  • एसबीआई
  • SBI