राजनांदगांव तक पहुंचेगा विकास का दायरा, चलेगी मेट्रो, सड़कों की कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर
लंबे समय से चल रहे असमंजस के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ सरकार ने स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) का दायरा बढ़ाने का फैसला ले लिया है। अब रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई तक सीमित राजधानी क्षेत्र में राजनांदगांव को भी शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को भविष्य में राजनांदगांव तक विस्तार देने की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं। इस बड़े फैसले की घोषणा राजनांदगांव में आयोजित छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन में की गई।
द सूत्र’ ने पहले ही दी थी विस्तार की खबर:
राजधानी क्षेत्र के विस्तार को लेकर चर्चाएं पहले से चल रही थीं। ‘द सूत्र’ ने पहले ही संकेत दिए थे कि सरकार केवल दुर्ग-भिलाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राजनांदगांव को भी SCR में शामिल करने की तैयारी कर रही है। अब सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद यह साफ हो गया है कि राज्य राजधानी क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करना चाहता है। सरकार इस दिशा में बजट में 68 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति भी दे चुकी है।
डॉ. रमन सिंह बोले- ऐतिहासिक फैसला:
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव को स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल किया जाना क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, उद्योग और निवेश गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।
मॉडल पर विकसित होगा नया शहरी कॉरिडोर:
स्टेट कैपिटल रीजन की अवधारणा दिल्ली के नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की तर्ज पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य राजधानी और आसपास के शहरों का एकीकृत और योजनाबद्ध विकास करना है। अब इस क्षेत्र में रायपुर, नवा रायपुर अटल नगर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव शामिल होंगे। सरकार का लक्ष्य इसे राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक, व्यावसायिक और शहरी विकास क्षेत्र बनाना है।
मेट्रो, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकस:
राज्य सरकार पहले ही रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान कर चुकी है। अब राजनांदगांव के शामिल होने से इस कॉरिडोर की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है। सरकार का फोकस ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, आधुनिक सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा संस्थान और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर रहेगा। इससे पूरे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
2031 तक 50 लाख आबादी का अनुमान:
सरकार के अनुमान के अनुसार वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन में 50 लाख से अधिक आबादी निवास कर सकती है। इसी को देखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन का प्रावधान किया गया है। यह प्राधिकरण भूमि उपयोग, पर्यावरण अनुकूल विकास, निवेश और अधोसंरचना परियोजनाओं का समन्वय करेगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।
राजनीतिक और आर्थिक दोनों मायने:
राजनांदगांव को SCR में शामिल करना केवल प्रशासनिक विस्तार नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी अहम फैसला माना जा रहा है। यह क्षेत्र डॉ. रमन सिंह का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में सरकार का यह कदम क्षेत्रीय संतुलन और पश्चिम छत्तीसगढ़ में विकास के नए केंद्र बनाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह पूरा बेल्ट छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा अर्बन और इंडस्ट्रियल ग्रोथ जोन बन सकता है।
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