IMAGE
राजनांदगांव : पांच करोड़ की सिटी बसें कबाड़, जिम्मेदार मौन
Aishwarya Dwivedi | May 16, 2026, 16:54 IST
rajnandgaon-city-bus-scrap-case
राजनांदगांव में पांच करोड़ की 20 सिटी बसें कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। कोरोना काल के बाद से बंद इन बसों की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे जनता परेशान है।
NEWS IN SHORT
- राजनांदगांव में पांच करोड़ की सिटी बसें हुईं पूरी तरह कबाड़।
- कोरोना काल के बाद सड़कों से गायब हुईं सभी सिटी बसें।
- जिला अर्बन कमेटी के पास नहीं है बसों की कोई जानकारी।
- इतनी बड़ी लापरवाही पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- पुरानी बसें ठप, अब प्रशासन कर रहा ई-बस चलाने की तैयारी।
NEWS IN DETAIL
5 करोड़ का बजट, नतीजा शून्य
कोरोना काल के बाद से गायब हुईं बसें
रही-सही कसर कोरोना संक्रमण काल ने पूरी कर दी। लॉकडाउन के दौरान बंद हुई इन बसों का पहिया ऐसा थमा कि वे दोबारा सड़कों पर लौट ही नहीं सकीं। वर्तमान स्थिति यह है कि:
नया बस स्टैंड: यहाँ पड़ताल करने पर सिर्फ आधा दर्जन (6) बसें धूल खाती और सड़ती हुई पाई गईं।
पाताल भैरवी मंदिर हाईवे: यहाँ हाईवे के किनारे दो बसें लावारिस हालत में खड़ी देखी जा सकती हैं।
लापता बसें: बाकी की 12 बसें कहाँ गायब हैं, इसका कोई अता-पता नहीं है।
कमेटी को ही नहीं खबर
ई-बसों की नई तैयारी, पर पुराने ढर्रे का क्या?
फिलहाल, राजनांदगांव की जनता महंगे पेट्रोल और ऑटो चालकों की मनमानी झेलने को मजबूर है, और पीएम मोदी की 'पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने' की अपील यहाँ के प्रशासनिक खोखलेपन के आगे बेअसर साबित हो रही है।
निष्कर्ष
यह खबरें भी पढ़ें...
शहर के बाहर तक दौड़ेंगी मध्यप्रदेश की सिटी बस, परिवहन विभाग ने जारी किए नए रूट्स
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल, 20 अधिकारियों के तबादले
आईएएस पुरुषोत्तम शर्मा से छीना परिवहन आयुक्त का काम, हाई कोर्ट ने यह कारण बताते हुए लगाई रोक
MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2022: हाईकोर्ट ने एप्लाइड डिग्री को माना वैध, नियुक्ति का रास्ता साफ
By Neel Tiwari
कांग्रेस समाज में फूट डालकर सत्ता की लूट करना चाहती है, सुधांशु बोले, भूपेश बघेल को पंजाब से भगाकर गुवाहाटी में पटका
By Arun Tiwari
मंत्रालय से बाहर फिर हो सकती है मोहन कैबिनेट की बैठक, गांधी सागर में 17 नवंबर की तारीख प्रस्तावित
By Amresh Kushwaha
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
By Atul Dwivedi
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
By Mukesh Sharma
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
By Harrison Masih
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार
By Neel Tiwari