सिद्धि और स्नेह वेलफेयर का खेल: 1639 रुपए प्रति कुत्ता नसबंदी, रायपुर में 50 हजार कुत्ते

Aishwarya Dwivedi | Apr 16, 2026, 16:23 IST
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रायपुर और बिरगांव निगम में आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ रही है। इम्पैनल कंपनियां नसबंदी और टीकाकरण का काम नहीं कर रही हैं। बिरगांव में कंपनी ने काम बंद कर दिया, रायपुर में सेटअप तैयार किया जा रहा है। सोनडोंगरी में ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया है।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर और बिरगांव में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या।
  • इम्पैनल कंपनियां काम में लापरवाही दिखा रही हैं।
  • बिरगांव में कंपनी ने काम बंद किया, नोटिस जारी।
  • रायपुर में काम सेटअप तैयार होने के बाद शुरू होगा।
  • सोनडोंगरी में कुत्तों की नसबंदी और इलाज की व्यवस्था।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इम्पैनल कंपनियां, जो इन कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी करने और टीकाकरण की जिम्मेदारी निभाने वाली थीं, अपनी जिम्मेदारी में गंभीर लापरवाही दिखा रही हैं। नतीजा यह है कि सड़कों और गलियों में आवारा कुत्तों के झुंड हर जगह दिखाई दे रहे हैं।



रैबीज टीकाकरण के लिए वसूली

रायपुर और बिरगांव निगम के तहत कुत्तों को नियंत्रण में लाने के लिए सिद्धि नामक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कंपनी एक कुत्ते को पकड़ने, नसबंदी करने और रैबीज टीकाकरण के लिए 1639 रुपए वसूल करती है। लेकिन स्नेह वेलफेयर एसोसिएशन को बिरगांव निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां कंपनी ने कुछ दिन काम करने के बाद काम पूरी तरह से बंद कर दिया। बिरगांव निगम ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।



ऑपरेशन थिएटर किया गया तैयार

वहीं रायपुर नगर निगम में अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शहर में काम शुरू करने के लिए सेटअप तैयार किया जा रहा है। रायपुर में अनुमानित रूप से लगभग 50,000 आवारा कुत्ते हैं।



सोनडोंगरी में ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया है, जहां कुत्तों का इलाज, नसबंदी और टीकाकरण किया जाएगा। डॉग कैचर की व्यवस्था, ऑपरेशन के लिए डॉक्टर और स्टाफ की नियुक्ति की गई है। कुत्तों को 4-5 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा और स्वस्थ होने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ दिया जाएगा।



तकनीकी समस्या का हवाला

गर्मी के कारण कुत्तों में आक्रामकता भी बढ़ गई है, जिससे लोगों के लिए सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग ने इम्पैनल कंपनियों के लिए टेंडर जारी किया था,



लेकिन कंपनियों की ओर से तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए काम शुरू नहीं किया गया। फिलहाल, रायपुर नगर निगम ने अपनी टीम को काम में लगाया है, जबकि बिरगांव में कंपनी के बंद होने के कारण निगम की टीम सक्रिय है।



निष्कर्ष

रायपुर और बिरगांव नगर निगम में आवारा कुत्तों की समस्या बढ़ रही है, जबकि इम्पैनल कंपनियां काम करने में असफल रही हैं। बिरगांव में कंपनी ने काम बंद कर दिया, जबकि रायपुर में सेटअप तैयार किया जा रहा है। सोनडोंगरी में कुत्तों की नसबंदी और रैबीज संक्रमित के लिए ऑपरेशन थिएटर स्थापित किया गया है।



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