100 पदों की भर्ती, 38 पद कैरी फॉरवर्ड... स्पेशल एजुकेटर भर्ती पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में स्पेशल एजुकेटर यानी विशेष शिक्षकों की भर्ती अब विवादों में घिर गई है। 100 पदों पर शुरू हुई सीधी भर्ती प्रक्रिया में 62 पदों पर नियुक्तियां दी गईं, जबकि 38 पदों को निरस्त कर कैरी फॉरवर्ड किए जाने का मामला सामने आया है। अभ्यर्थियों ने पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और विभागीय स्तर पर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं।
100 पदों का गणित
भर्ती में प्राथमिक के 21, उच्च प्राथमिक के 21 और माध्यमिक के 20 पदों पर नियुक्तियां दी गईं। इसके अलावा प्राथमिक के 29 और उच्च प्राथमिक के 9 पदों को कैरी फॉरवर्ड किया गया। यानी कुल 38 पदों पर भर्ती नहीं हो सकी। यहीं से अभ्यर्थियों के सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी तो शेष पदों को बीच में ही खत्म करने की जरूरत क्यों पड़ी।
10 महीने में ही प्रक्रिया खत्म
अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा आरोप भर्ती की समय-सीमा को लेकर है। उनका कहना है कि विज्ञापन की वैधता अवधि एक वर्ष थी, लेकिन विभाग ने महज करीब 10 महीने में ही 15 जुलाई 2026 को भर्ती प्रक्रिया समाप्त घोषित कर दी। अभ्यर्थियों ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए सवाल उठाया है कि निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले भर्ती खत्म करने का आधार क्या था।
उपसंचालक के आदेश पर सवाल
मामले में अधिकार क्षेत्र को लेकर भी विवाद है। अभ्यर्थियों का दावा है कि पदों को निरस्त करने अथवा कैरी फॉरवर्ड करने का वैधानिक अधिकार विभाग के संचालक के पास है। इसके बावजूद संबंधित आदेश उपसंचालक के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया। अब उम्मीदवार इसी बिंदु को लेकर आदेश की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं।
TET पास फिर भी बाहर
भर्ती प्रक्रिया में सबसे ज्यादा नाराजगी उन अभ्यर्थियों में है, जो शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करने के बाद दस्तावेज सत्यापन में भी पात्र पाए गए थे। आरोप है कि ऐसे उम्मीदवारों को काउंसलिंग में शामिल कर स्कूल आवंटित करने के बजाय बाद में अपात्र कर दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में स्कूल अलॉटमेंट भी निरस्त किए जाने का दावा किया गया है।
कोर्ट के आदेशों की भी दुहाई
अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उन निर्देशों का हवाला दिया है, जिनमें दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए स्पेशल एजुकेटर्स की नियुक्ति को प्राथमिकता और तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया है। उम्मीदवारों का आरोप है कि विभागीय प्रक्रिया इन निर्देशों की भावना के अनुरूप नहीं चली।
मंत्री से मंत्रालय तक शिकायत
अब अभ्यर्थियों ने मामले को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री, विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई गलतियों और विसंगतियों को सामने आने से रोकने के लिए प्रक्रिया को जल्दबाजी में समाप्त किया गया। अभ्यर्थी पूरे मामले की जांच और पात्र उम्मीदवारों को उनका अधिकार देने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि विभाग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है और 38 पदों को कैरी फॉरवर्ड करने के फैसले की समीक्षा होती है या नहीं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ स्पेशल एजुकेटर भर्ती पर क्या विवाद है?
छत्तीसगढ़ में 100 स्पेशल एजुकेटर पदों की भर्ती में 62 पदों पर नियुक्ति के बाद 38 पद कैरी फॉरवर्ड किए जाने को लेकर विवाद है। अभ्यर्थियों ने भर्ती समय से पहले खत्म करने, पात्र TET अभ्यर्थियों को बाहर करने और आदेश की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। - क्या TET पास अभ्यर्थी स्पेशल एजुकेटर भर्ती में शामिल हैं?
हां, TET पास अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ उम्मीदवार दस्तावेज सत्यापन में पात्र पाए जाने के बावजूद काउंसलिंग और स्कूल आवंटन से बाहर कर दिए गए।
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