कांग्रेस की अनिला भेड़िया ने कहा आरक्षण का झुनझुना नहीं हसदेव पर करो बात, बीजेपी एमएलए बोलीं मेरी भावना नहीं विषय को समझो
Raipur. छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र जोरदार बहस के साथ शुरु हुआ। महिला अरक्षण पर संकल्प पारित करने के लिए यह विशेष सत्र बुलाया गया। जिसके तहत सरकार सदन में शासकीय संकल्प लेकर आई। इस संकल्प में परिसीमन के बाद लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि सरकार को महिला आरक्षण की बजाए हसदेव में पेड़ कटाई पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए। बीजेपी विधायक भावना बोहरा के भाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कहा कि हम आपकी भावना को समझ रहे हैं तो भावना बोलीं कि मेरी भावना को नहीं मेरे विषय को समझिए और समर्थन दीजिए।
विशेष सत्र में महिलाएं विशेष अतिथी :
विधानसभा सत्र में प्रदेश भर से 500 से अधिक महिला जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। जिससे सदन का माहौल खासा सक्रिय और संवेदनशील बना रहा। विधानसभा में महिलाओं के सम्मान को लेकर एक अहम फैसला भी लिया गया। दो महिला विधायकों सत्ता पक्ष से लता उसेंडी और विपक्ष से अनिला भेड़िया को सभापति तालिका में शामिल किया गया।
शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि पहले निंदा प्रस्ताव की बात की गई थी लेकिन अब शासकीय संकल्प लाकर मुद्दे को मोड़ने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण जनगणना के बाद ही लागू किया जाना चाहिए।
कांग्रेस का केंद्र पर निशाना :
चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल केवल चुनावी झुनझुना है। उन्होंने कहा कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद इसे अब तक लागू नहीं किया गया जिससे महिलाओं के साथ छल हुआ है। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से डिप्टी सीएम साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जो पार्टी अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाई वह महिला अधिकारों की बात कैसे कर सकती है।
उन्होंने कांग्रेस के 500 रूपए देने के वादे को लेकर भी सवाल उठाए। सदन में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर भी बहस तेज रही। विपक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को अधिक अवसर दिए हैं। आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के 54 विधायकों में से 8 महिलाएं हैं, जबकि कांग्रेस के 35 विधायकों में 11 महिलाएं शामिल हैं।
चुनाव आया तो महिला आरक्षण :
कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही महिला आरक्षण की बात उठाई जाती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार गंभीर है तो पहले जनगणना कराए और उसके बाद आरक्षण लागू करे। बहस के दौरान महिला सुरक्षा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा।
कांग्रेस की अनिला भेड़िया ने मणिपुर, उन्नाव और प्रदेश में हुए अपराधों का जिक्र करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे थे तब सरकार मौन क्यों थी। इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब महिलाओं के साथ अन्य घटनाएं हुईं तब विपक्ष की भूमिका क्या थी।
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