छत्तीसगढ़ आवारा मवेशी समस्या : 110 मवेशी लेकर किसान पहुंचे कलेक्टर कार्यालय

Aishwarya Dwivedi | Aug 14, 2026, 09:38 IST
आवारा मवेशियों की समस्या - किसानों का विरोध-प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आवारा मवेशियों से परेशान किसान 110 पशु लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। किसानों ने नगर निगम पर आरोप लगाया। वहीं धमतरी हाईवे हादसे में चार मवेशियों की मौत हो गई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सरगुजा जिले के किसान 110 आवारा मवेशी लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे।
  • किसान अपनी धान की फसल को मवेशियों से बचाना चाहते हैं।
  • किसानों का आरोप है कि नगर निगम शहर के मवेशी गांवों में छोड़ रहा है।
  • दूसरी तरफ धमतरी में अज्ञात वाहन की टक्कर से चार मवेशियों की मौत हुई।
  • हाईवे पर आवारा मवेशी जमा होने से हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

कलेक्टोरेट पहुंचे परेशान किसान

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आवारा मवेशियों से किसान बेहद परेशान हैं। अंबिकापुर कलेक्टोरेट परिसर में बुधवार को एक अजीब नजारा देखने को मिला। वहां करीब 40 किसान 110 आवारा मवेशियों को खदेड़ते हुए सीधे दफ्तर के अंदर ले आए। किसान अपनी खेतों में बर्बाद हो रही फसल को लेकर बेहद दुखी और गुस्से में थे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी।



किसान नेताओं और भकुरा के पूर्व सरपंच मनोज सिंह ने बताया कि खेतों में धान की फसल अभी ठीक से तैयार भी नहीं हुई है। इसके बावजूद मवेशी खेतों में घुसकर लगातार उत्पात मचा रहे हैं। किसान इतने सक्षम नहीं हैं कि अपने पूरे खेतों का घेराव करा सकें। खेती ही उनके जीवन का एकमात्र जरिया है। अगर मवेशी पूरी फसल खा जाएंगे तो वे क्या खाएंगे।



नगर निगम पर लगा बड़ा आरोप

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्थानीय नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन शहर के मवेशियों को गाड़ियों में भरकर गांवों की तरफ छोड़ देता है। इससे ग्रामीण इलाकों में आवारा पशुओं की परेशानी काफी बढ़ गई है। भकुरा गांव के किसानों के पास भी अपने पालतू मवेशी हैं, लेकिन वे उन्हें बांधकर रखते हैं।



बाहर से आने वाले मवेशी खेतों में भारी तबाही मचा रहे हैं। इससे गांव में फसल सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, नगर निगम के पशु विभाग ने किसानों के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इधर, सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा है कि किसानों की समस्या सुन ली गई है और इसके समाधान के लिए अफसरों को ठोस प्लानिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।



छत्तीसगढ़ आवारा मवेशी समस्या


धमतरी में तेज रफ्तार का कहर

दूसरी तरफ धमतरी जिले में आवारा पशुओं से जुड़ा एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। नेशनल हाईवे-30 पर बुधवार देर रात एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मवेशियों को रौंद दिया। यह भीषण दुर्घटना खपरी से अर्जुनी बाइपास के पास हुई। इस हादसे में चार दुधारू मवेशियों की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई, जबकि एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया।



हादसे की सूचना मिलते ही हाईवे गश्ती टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मवेशियों के शवों को उठाकर डिवाइडर पर रखवाया। अगले दिन गुरुवार सुबह प्रशासनिक अमले ने जेसीबी (JCB – Joseph Cyril Bamford) बुलवाकर शवों को दफनाया। इस हादसे में स्थानीय ग्रामीण छबिकांत सिन्हा, जेठूराम सिन्हा और अन्य किसानों के दुधारू पशु मारे गए हैं।



आदेशों के बाद भी बने हाईवे डेंजर जोन

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद संबलपुर-श्यामतराई बाइपास पर मवेशियों का डेरा जमा रहता है। इस 11 किलोमीटर लंबे बाइपास पर दिन-रात मवेशी बैठे रहते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के कारण जानलेवा हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। नेशनल हाईवे (NH – National Highway) के अधिकारी आकाश अग्रवाल का कहना है कि हाईवे की निगरानी के लिए गश्ती टीम चौबीसों घंटे काम करती है।



सड़कों और राजमार्गों पर आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की भी स्पष्ट गाइडलाइन है। गाइडलाइन के अनुसार नेशनल हाईवे, एक्सप्रेस-वे और शहर की मुख्य सड़कों से पशुओं को तुरंत हटाना अनिवार्य है। प्रशासन को संयुक्त अभियान चलाकर सभी पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं और कैटल पाउंड में भेजना चाहिए।



इसके साथ ही 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए हाईवे पेट्रोलिंग टीम तैनात करने और हर हाईवे पर स्थायी हेल्पलाइन नंबर लगाने का नियम है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आदेशों के पालन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी खुद जिम्मेदार होंगे। राज्य सरकारों को हर 8 हफ्ते में इसकी रिपोर्ट अदालत में देनी होती है, लेकिन इसके बाद भी जमीनी स्तर पर स्थितियां सुधरती नहीं दिख रही हैं।



FAQ

  1. सरगुजा में किसानों ने कलेक्टोरेट में 110 मवेशी क्यों दाखिल किए?
    किसान आवारा मवेशियों द्वारा अपनी धान की फसल के हो रहे नुकसान से परेशान थे। उन्होंने नगर निगम पर शहर के मवेशी गांवों में छोड़ने का आरोप लगाते हुए कलेक्टोरेट में विरोध प्रदर्शन किया।
  2. धमतरी हाईवे हादसे में क्या नुकसान हुआ?
    धमतरी में नेशनल हाईवे-30 पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 4 दुधारू मवेशियों की मौत हो गई और 1 मवेशी का पैर टूट गया
  3. आवारा मवेशियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के क्या मुख्य निर्देश हैं?
    सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सड़कों और हाईवे से मवेशियों को हटाकर गौशालाओं में भेजना अनिवार्य है। 24×7 गश्ती टीम, हेल्पलाइन नंबर लगाना जरूरी है और लापरवाही पर अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान है।

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