छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: TET रद्द होने पर नहीं रुकेगी अनुकंपा नौकरी
Aishwarya Dwivedi | Jul 15, 2026, 15:41 IST
एचसी-निर्णय-पर-अनुकंपा-नियुक्ति-टीईटी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। कोविड में टीईटी परीक्षा रद्द होने पर भी अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी। विभाग उम्मीदवार को नौकरी से वंचित नहीं कर सकता।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
- कोर्ट ने विभाग के 6 दिसंबर 2022 के पुराने आदेश को रद्द कर दिया।
- कोविड-19 महामारी के दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी थी।
- इसके कारण एक अभ्यर्थी निर्धारित तीन वर्ष की समय-सीमा में परीक्षा पास नहीं कर सका।
- हाईकोर्ट ने प्रशासन को 45 दिनों के भीतर दावे पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया।
अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट का फैसला
क्या है पूरा मामला?
कोविड-19 महामारी और परीक्षा पर असर
Chhattisgarh High Court
अधिकारियों ने खारिज किया था दावा
हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी और फैसला
कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जब परीक्षा आयोजित कराना प्रशासन का काम था और उसने परीक्षा नहीं कराई, तो इसकी सजा उम्मीदवार को नहीं दी जा सकती। प्रशासन अपनी खुद की विफलता का ठीकरा किसी जरूरतमंद अभ्यर्थी के सिर पर नहीं फोड़ सकता।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
हाईकोर्ट ने कहा कि यही सिद्धांत इस अनुकंपा नियुक्ति के मामले पर भी पूरी तरह लागू होता है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 45 दिनों के भीतर कानून के अनुसार याचिकाकर्ता के दावे पर नए सिरे से विचार करें।
FAQ
- अनुकंपा नियुक्ति किसे और क्यों दी जाती है?
Ans. किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार के पात्र सदस्य को यह नौकरी दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक संकट से उबारना और राहत देना होता है। यह कोई नियमित भर्ती प्रक्रिया नहीं है। - छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने टेट (TET) परीक्षा को लेकर क्या आदेश दिया?
Ans. कोर्ट ने कहा कि यदि कोविड महामारी के कारण टेट परीक्षा समय पर आयोजित नहीं हो सकी, तो निर्धारित समय-सीमा में इसे पास न कर पाने के आधार पर उम्मीदवार को अनुकंपा नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। देरी के लिए प्रशासन जिम्मेदार था, अभ्यर्थी नहीं। - कोर्ट ने अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति याचिका पर निर्णय के लिए कितना समय दिया है?
Ans. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को 6 दिसंबर 2022 के खारिज करने वाले आदेश को रद्द करते हुए 45 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर कानून के अनुसार पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है।
यह खबरें भी पढ़ें...
अनुकंपा नियुक्ति पर अहम फैसला, यह अधिकार नहीं.. आपात राहत है, सालों बाद नौकरी नहीं
ग्वालियर नगर निगम में फर्जीवाड़ा: दादा को पिता बताकर ली अनुकंपा नियुक्ति
एमपी में बदलेंगे अनुकंपा नियुक्ति के नियम, माता-पिता का भरण-पोषण न करने पर जाएगी नौकरी
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava