सरकारी नौकरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

Aishwarya Dwivedi | Aug 06, 2026, 14:06 IST
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हाई कोर्ट - दया के आधार पर नियुक्ति के नियम
हाई कोर्ट - दया के आधार पर नियुक्ति के नियम

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति पर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिवार में पहले से सरकारी नौकरी होने पर दूसरे आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति पर बड़ा फैसला दिया है।
  • मृत कर्मचारी के परिवार में नौकरी होने पर दूसरी नियुक्ति नहीं मिलेगी।
  • कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति कोई मौलिक अधिकार नहीं है।
  • इसका मुख्य मकसद परिवार को अचानक आर्थिक संकट से बचाना है।
  • यह फैसला भविष्य के कई मामलों के लिए नजीर बनेगा।

अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने आदेश में स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई सदस्य पहले से नौकरी में है, तो दूसरे आश्रित को नियुक्ति नहीं मिलेगी।

हाईकोर्ट ने कहा कि अनुकंपा का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं है। यह कर्मचारी की मौत के बाद पैदा हुए आर्थिक संकट से राहत देने के लिए है। अदालत के इस फैसले से अनुकंपा की आस लगाए कई लोगों को बड़ा झटका लगा है।

अनुकंपा नियुक्ति कोई मौलिक अधिकार नहीं

अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा कोई मौलिक या वैधानिक अधिकार नहीं है। यह केवल सरकार की तय नीतियों के तहत मिलने वाली विशेष राहत है।

यदि परिवार के पास पहले से आय का जरिया है, तो अनुकंपा का औचित्य खत्म हो जाता है। कोर्ट ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति स्थिर होने पर ऐसा लाभ नहीं दिया जा सकता।

अनुकंपा नियुक्ति के बदले नियम
अनुकंपा नियुक्ति के बदले नियम


आर्थिक संकट ही मुख्य आधार

हाईकोर्ट के अनुसार इस नीति का मूल आधार तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यदि परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत है, तो संकट नहीं माना जाएगा। नियमित आय होने पर दूसरे सदस्य को नौकरी देना सही नहीं है।

अदालत ने यह भी साफ किया कि अनुकंपा नियुक्ति को सामान्य भर्ती का विकल्प नहीं माना जा सकता। यह प्रक्रिया पूरी तरह राज्य सरकार के नियमों और शर्तों के अधीन काम करती है।

भविष्य के मामलों पर पड़ेगा असर

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में ऐसे कई मामलों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। जिन मामलों में परिवार में पहले से सरकारी नौकरी है, वहां दावे खारिज हो सकते हैं।

हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि केवल कर्मचारी की मौत के आधार पर नौकरी नहीं मांगी जा सकती। सरकार की नीति और परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

FAQ

  1. क्या परिवार में सरकारी नौकरी होने पर अनुकंपा मिल सकती है?
    नहीं, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार यदि परिवार में पहले से कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है तो दूसरे सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी।
  2. क्या अनुकंपा पाना एक मौलिक अधिकार है?
    नहीं, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति कोई मौलिक या वैधानिक अधिकार नहीं है। यह केवल सरकार की विशेष राहत नीति है।
  3. अनुकंपा देने का मुख्य आधार क्या होता है?
    इसका मुख्य आधार मृत कर्मचारी के परिवार को अचानक आए आर्थिक संकट से तत्काल राहत पहुंचाना और वित्तीय सहायता देना है।

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