टीएस बाबा और बैज एक मंच पर, भूपेश भी पहुंचे, आंदोलन से बढ़ा सियासी दबाव
सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के सामने चल रहा कांग्रेस का प्रदर्शन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का साथ मिल गया है। दोनों ने एक साथ भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है। जिसके बाद से प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक अमले में हड़कंप चल गया है।
TS ने प्रशासन को दी चेतावनी
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि सूरजपुर पुलिस प्रशासन अड़ियल रवैया अपना रहा है।अगर शाम 6 बजे तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को उनका सूर्यास्त तक उपवास रहता है। अगर तब तक प्रशासन ने फैसला नहीं लिया तो वही उपवास भूख हड़ताल में बदल जाएगा। टीएस सिंहदेव ने प्रशासन पर कांग्रेस नेताओं की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया।
क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन से जुड़ा हुआ है। नगर पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद के बाद पुलिस ने नरेंद्र जैन पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। कांग्रेस इस कार्रवाई को गलत बता रही है। पार्टी नेताओं की मांग है कि यह केस तुरंत निरस्त किया जाए। इसी मांग को लेकर 25 मई को प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित जिला कांग्रेस के कई पदाधिकारी विश्रामपुर थाने पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने उनकी मांग नहीं मानी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने थाने के सामने ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
भूपेश भी पहुंचे
BJP नेताओं पर FIR नहीं होने से नाराजगी
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नरेंद्र जैन के घर जाकर विवाद करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है।कांग्रेस का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि कांग्रेस नेताओं पर तुरंत केस दर्ज कर दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगा रही है।
एक मंच पर दिखे सिंहदेव और बैज
राजनीतिक तौर पर यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि टीएस सिंहदेव और दीपक बैज एक साथ आक्रामक अंदाज में नजर आए। पिछले कुछ समय से कांग्रेस के भीतर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन विश्रामपुर धरने में दोनों नेताओं की मौजूदगी ने कई अटकलों पर विराम लगा दिया। कार्यकर्ताओं ने भी दोनों नेताओं के समर्थन में नारेबाजी की।
शाम 6 बजे पर टिकी सबकी नजर
अब सबकी नजर शाम 6 बजे पर टिकी हुई है। अगर प्रशासन ने कोई फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज हो सकता है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है। भूख हड़ताल की घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। सूरजपुर का यह धरना अब सिर्फ स्थानीय मामला नहीं रह गया। यह कांग्रेस बनाम प्रशासन की सीधी लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है।