सरगुजा में 4 बॉक्साइट खदानों को पर्यावरण मंजूरी की तैयारी, पंचायतों से मांगी एनओसी

Arun Tiwari | Jun 22, 2026, 14:25 IST
सरगुजा में 1200 एकड़ में बॉक्साइट खनन की तैयारी
सरगुजा में 4 बॉक्साइट खदानों (करीब 1200 एकड़) को पर्यावरण मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। ग्राम पंचायतों से एनओसी ली जाएगी और जनसुनवाई होगी। 23 जून से 2 जुलाई 2026 तक सुनवाई तय है। स्थानीय लोगों की राय के बाद आगे मंजूरी का फैसला होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर खनन की बड़ी तैयारी है। इस बार यह खनन कोयले के लिए नहीं बल्कि बॉक्साइट के लिए होगा। करीब 1200 एकड़ की इन 4 खदानों के लिए पर्यावरण की मंजूरी चाहिए। यह मंज़ूरी ग्राम पंचायत देगी। ग्राम पंचायतों की एनओसी के लिए कलेक्टर को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।



सरगुजा में बॉक्साइट खदानें

सरगुजा जिले में प्रस्तावित चार बॉक्साइट खदानों की पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) ने जिला प्रशासन से सहयोग मांगा है। इस संबंध में सीएमडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर द्वारा जिला पंचायत सरगुजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र जारी कर संबंधित ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।



13 जून 2026 को जारी पत्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग ने सरगुजा जिले की चार बॉक्साइट खदानों के लिए पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में सीएमडीसी को नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। यह कार्रवाई खनिज साधन विभाग के निर्देश और सीएमडीसी मुख्यालय रायपुर के पत्र के आधार पर की जा रही है।



क्या है इस पत्र में

पत्र में बताया गया है कि पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित क्षेत्रों में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई के साथ-साथ ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना भी आवश्यक है, ताकि पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा किया जा सके।



सीएमडीसी द्वारा जिन चार बॉक्साइट खदानों को पर्यावरण स्वीकृति के लिए चिन्हित किया गया है, उनमें नर्मदापुर-कुनिया बॉक्साइट खदान, पथरई-लुरेना बॉक्साइट खदान, कमलेश्वरपुर बॉक्साइट खदान और सरभंजा बॉक्साइट खदान शामिल हैं। इन खदानों का कुल क्षेत्रफल सैकड़ों हेक्टेयर में फैला हुआ है और इन्हें खनिज दोहन के लिए विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।



इतने एरिया में है खदानें

दस्तावेज के अनुसार नर्मदापुर-कुनिया बॉक्साइट खदान का क्षेत्रफल 139.500 हेक्टेयर है, जबकि पथरई-लुरेना बॉक्साइट खदान 79.190 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसी प्रकार कमलेश्वरपुर बॉक्साइट खदान 147.625 हेक्टेयर तथा सरभंजा बॉक्साइट खदान 207.870 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी खदानों का क्षेत्रफल करीब 575 हेक्टेयर है।



इन तारीखों में जनसुनवाई

पर्यावरण स्वीकृति के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई की तिथियां भी निर्धारित कर दी गई हैं। नर्मदापुर-कुनिया बॉक्साइट खदान के लिए 23 जून 2026, पथरई-लुरेना बॉक्साइट खदान के लिए 24 जून 2026, कमलेश्वरपुर बॉक्साइट खदान के लिए 1 जुलाई 2026 तथा सरभंजा बॉक्साइट खदान के लिए 2 जुलाई 2026 को जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इन जनसुनवाइयों में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रभावित पक्षों की राय दर्ज की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की पर्यावरणीय प्रक्रिया पूरी होगी।



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गांवों की एनओसी ज़रूरी

सीएमडीसी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिला पंचायत सरगुजा से अनुरोध किया गया है कि वह संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए, ताकि पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।



खनन परियोजनाओं को लेकर सरगुजा क्षेत्र में पहले भी पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में प्रस्तावित जनसुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय समुदाय अपनी सहमति, आपत्तियां और सुझाव प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे।



दूसरी ओर, खनिज संसाधनों के दोहन और औद्योगिक विकास की दृष्टि से इन परियोजनाओं को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में भी शामिल माना जा रहा है। अब निगाहें आगामी जनसुनवाई और ग्राम पंचायतों से मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों पर टिकी हैं, जिनके आधार पर इन चारों बॉक्साइट खदानों की पर्यावरण स्वीकृति का रास्ता तय होगा।



IMP FACTS

सरगुजा में 4 बॉक्साइट खदानों को पर्यावरण मंजूरी की तैयारी


कुल क्षेत्रफल करीब 1200 एकड़ (लगभग 575 हेक्टेयर)


खनन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) को


ग्राम पंचायतों से NOC लेना अनिवार्य किया गया है


नर्मदापुर-कुनिया, पथरई-लुरेना, कमलेश्वरपुर, सरभंजा खदानें शामिल


अलग-अलग खदानों का क्षेत्र: 79 हेक्टेयर से 207 हेक्टेयर तक


जनसुनवाई की तारीखें:


23 जून 2026


24 जून 2026


1 जुलाई 2026


2 जुलाई 2026


जनसुनवाई में ग्रामीणों की राय दर्ज होगी


NOC और जनसहमति के बाद ही पर्यावरण मंजूरी आगे बढ़ेगी


परियोजना को राज्य की खनिज विकास योजना का हिस्सा माना जा रहा है



FAQ

  1. सरगुजा में बॉक्साइट खदानों का क्या प्लान है?
    सरगुजा जिले में कुल 4 बॉक्साइट खदानों को विकसित करने की योजना है। इसके लिए पर्यावरण मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मंजूरी सीधे राज्य स्तर की प्रक्रिया के साथ-साथ ग्राम पंचायतों की सहमति पर भी निर्भर करेगी।
  2. इस परियोजना में कौन सी एजेंसी शामिल है?
    इस पूरे प्रोजेक्ट को छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) देख रहा है। CMDC को राज्य सरकार ने नोडल एजेंसी बनाया है, जो पर्यावरण स्वीकृति और जनसुनवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
  3. स्थानीय लोगों की क्या भूमिका होगी?
    स्थानीय ग्राम पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य किया गया है। साथ ही जनसुनवाई भी होगी, जिसमें ग्रामीण अपनी राय, आपत्तियां और सुझाव सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे। इसके आधार पर ही आगे पर्यावरण मंजूरी का फैसला लिया जाएगा।

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