सरगुजा में नशे का खतरनाक खेल, साझा इंजेक्शन से 175 लोग HIV संक्रमित
Sarguja : सरगुजा संभाग में नशे की लत अब सिर्फ कानून-व्यवस्था की नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बन चुकी है। नशीले इंजेक्शन के लिए एक ही सुई का सामूहिक इस्तेमाल युवाओं को एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी की गिरफ्त में धकेल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 175 लोगों की पहचान की है, जो साझा इंजेक्शन के इस्तेमाल के कारण एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। सभी मरीजों का इलाज जारी है, लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
युवाओं में बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन का चलन लगातार बढ़ रहा है। कई युवक नशे के दौरान अपने साथियों के साथ एक ही इंजेक्शन का उपयोग करते हैं। यही लापरवाही एचआईवी समेत कई रक्तजनित संक्रमणों के तेजी से फैलने की सबसे बड़ी वजह बन रही है। विभाग वर्षों से "एक मरीज-एक सुई" का संदेश देकर लोगों को जागरूक कर रहा है, लेकिन नशे के आदी युवाओं पर इसका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत आने वाले समय में और बड़ा संकट खड़ा कर सकती है।
सूरजपुर सबसे आगे
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार साझा इंजेक्शन से संक्रमित 175 पंजीकृत मरीजों में सबसे अधिक 108 मरीज सूरजपुर जिले के हैं। इसके अलावा कोरिया में 40, एमसीबी में 15, सरगुजा में 11 और बलरामपुर में एक संक्रमित मरीज दर्ज किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि कई लोग जांच के दायरे में ही नहीं आए हैं, इसलिए वास्तविक संक्रमितों की संख्या इससे अधिक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस की कार्रवाई जारी
नशीले इंजेक्शनों की तस्करी और अवैध बिक्री रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन जब्त भी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद इनकी सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हो पाई है। यही वजह है कि कार्रवाई के समानांतर नशे का नेटवर्क भी सक्रिय बना हुआ है और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टर की चेतावनी
जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कई लोगों द्वारा एक ही इंजेक्शन का इस्तेमाल HIV सहित अन्य गंभीर संक्रमणों को तेजी से फैलाता है। उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति नियमित रूप से एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) की दवाएं लेकर सामान्य जीवन जी सकता है। हालांकि उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और साझा इंजेक्शन के उपयोग पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में यह पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।
FAQ
- साझा इंजेक्शन से एचआईवी कैसे फैलता है?
यदि कई लोग एक ही सुई या इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं, तो संक्रमित व्यक्ति का रक्त दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंच सकता है। इससे एचआईवी सहित हेपेटाइटिस बी और सी जैसे गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। - सरगुजा संभाग में सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज किस जिले में मिले?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, साझा इंजेक्शन के कारण एचआईवी संक्रमित 175 पंजीकृत मरीजों में सबसे अधिक 108 मरीज सूरजपुर जिले के हैं। इसके बाद कोरिया (40), एमसीबी (15), सरगुजा (11) और बलरामपुर (1) का स्थान है। - एचआईवी संक्रमित व्यक्ति क्या सामान्य जीवन जी सकता है?
हां। डॉक्टरों के अनुसार, यदि संक्रमित व्यक्ति नियमित रूप से एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) की दवाएं ले और चिकित्सकीय सलाह का पालन करे, तो वह लंबे समय तक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है।
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