CG Wildlife : महाराष्ट्र में हमला करने के बाद कांकेर पहुंचा बाघ
समझें क्या है पूरा मामला
- कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में बाघ की दस्तक से लोग डरे हुए हैं।
- ग्राम पीव्ही-19 में बाघ ने एक किसान की गाय का शिकार किया।
- पशु चिकित्सक डॉ. अजमेर सिंह ने जांच के बाद बाघ की पुष्टि की।
- यह बाघ महाराष्ट्र सीमा पर एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार चुका है।
- ताडोबा टाइगर रिजर्व से बाघ के इस इलाके में आने की संभावना है।
कांकेर में बाघ की दहशत
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में वन्यजीवों की दहशत लगातार बढ़ रही है। जंगल से लगे गांवों में पहले भालू और तेंदुए आते थे। कई बार रिहायशी इलाकों में विशालकाय अजगर भी देखे गए।
अब इस इलाके में एक खतरनाक बाघ की एंट्री हो गई है। बाघ ने एक गांव में गाय को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। लोग डर के मारे शाम होते ही घरों में दुबक रहे हैं।
पीव्ही-19 गांव में बाघ का हमला
घटना फारेस्ट रेंज कापसी के तहत आने वाले ग्राम पीव्ही-19 की है। यहां के रहने वाले किसान गोपाल सरकार ने अपनी गाय बांधी थी। उन्होंने 14 अगस्त को गाय को खेत में चरने के लिए छोड़ा था।
शाम को जब गोपाल गाय को वापस लाने खेत पहुंचे तो गाय गायब थी। उन्होंने आसपास के इलाकों में गाय की काफी तलाश की। खेत से करीब 100 मीटर दूर गाय का शव मिला। गाय का शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत हालत में पड़ा हुआ था।
बाघ ने 100 मीटर तक घसीटा
बाघ ने गाय पर बेहद ताकत से हमला किया था। वह भारी-भरकम गाय को 100 मीटर दूर तक घसीट कर ले गया। बाघ ने गाय के सिर का कुछ हिस्सा भी खा लिया था।
घटनास्थल की जमीन पर बाघ के पंजों के गहरे निशान मिले हैं। पगमार्क देखने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम और डॉक्टरों की टीम मौके पर जांच करने पहुंची।
डॉक्टर ने की शिकार की आधिकारिक पुष्टि
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पशु चिकित्सक डॉ. अजमेर सिंह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि गाय को जिस तरीके से मारा गया, वह तरीका बाघ का ही है। मौके पर मौजूद साक्ष्य और पगमार्क यह साबित करते हैं कि शिकार बाघ ने किया। डॉक्टर ने यह भी बताया कि यह बाघ काफी ज्यादा आक्रामक है।
महाराष्ट्र सीमा से लगा है इलाका
पखांजूर की सीमा महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (TATR – Tadoba Andhari Tiger Reserve) से सटी हुई है। यह पूरा क्षेत्र मुख्य रूप से बाघ कॉरिडोर के अंतर्गत आता है। पूरी संभावना है कि बाघ इसी अभ्यारण्य से निकलकर यहां आया है। सीमावर्ती इलाके में बाघ लगातार मूवमेंट कर रहा है।
महाराष्ट्र के सीमावर्ती गांव में इसी बाघ ने एक ग्रामीण की जान ले ली थी। दोनों घटनाओं के तार आपस में जुड़ने से खतरा काफी बढ़ गया है। हालांकि महाराष्ट्र वन विभाग (MFD – Maharashtra Forest Department) ने अभी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है।
ग्रामीणों में फैला भारी डर
गांव में बाघ की मौजूदगी से किसान अपने खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रात के समय अकेले बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है। वन विभाग की टीम अब क्षेत्र में लगातार गश्त लगा रही है।
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