ये हैं टामन सिंह की पत्नी फेमस डॉक्टर.... जिनके NGO को मिले 45 लाख
सीजीपीएससी घोटाले मामले में एक-एक करके सारे राज अब खुलते जा रहे हैं। घोटाला केस में अब सीबीआई ने एक और बड़ा खुलासा किया है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि टामन सिंह सोनवानी ने पत्नी डॉ. पद्मिनी सोनवानी के NGO में 45 लाख लिए। घोटाले के पैसे से टामन सिंह ने स्कूल बनवाया। दरअसल, व्यवसायी एसके गोयल ने अपने बेटे और बहू को अफसर बनाने के लिए टामन सिंह को उनकी पत्नी के एनजीओ के जरिए पैसे दिए।
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पत्नी के NGO में लिए 45 लाख रुपए
बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका गोयल को डिप्टी कलेक्टर के पद पर भर्ती करने के लिए टामन से सौदाबाजी की। भर्ती प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान टामन की पत्नी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पदमिनी सोनवानी के एनजीओ ग्रामीण विकास समिति में गोयल ने दो किस्तों में 20 लाख और 25 लाख रुपए जमा किए।
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घोटाले के पैसे से बनवाया स्कूल
गोयल द्वारा दिए हुए पैसे से ही सोनवानी ने पैतृक गांव में स्कूल बनवाया। वहीं इस मामले में टामन और गोयल के वकीलों ने सीबीआई की कार्रवाई को गलत बताया है। वकील ने कोर्ट में कहा कि - श्रवण कुमार गोयल एक निजी कंपनी के मालिक हैं, वह कई संस्थाओं में फंड के तहत पैसे देते रहते हैं। इसी डोनेशन फंड के लिए उन्होंने ग्रामीण विकास समिति को पैसे दिए थे। दोनों आरोपियों को CBI स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 7 दिन की रिमांड पर सौंप दिया गया।
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FAQ
- टामन सिंह सोनवानी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
टामन सिंह सोनवानी पर आरोप है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में घोटाले के तहत पैसे लिए। व्यवसायी श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका गोयल को डिप्टी कलेक्टर बनाने के लिए सोनवानी से सौदा किया। इसके तहत श्रवण गोयल ने टामन की पत्नी के एनजीओ "ग्रामीण विकास समिति" में 45 लाख रुपये (दो किस्तों में 20 लाख और 25 लाख) जमा किए। - घोटाले के पैसे का उपयोग कैसे किया गया?
सीबीआई के अनुसार, टामन सिंह सोनवानी ने घोटाले के पैसों का उपयोग अपने पैतृक गांव में एक स्कूल बनवाने के लिए किया। सीबीआई ने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए कोर्ट में सबूत पेश किए हैं।
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