शिक्षक ने NIA के खिलाफ दायर की याचिका, हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Harrison Masih | Jun 21, 2025, 22:00 IST
Teacher filed petition against NIA chattisgarh High Court the sootr
छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर याचिका को खारिज कर दिया गया है। उपकरण जब्त कर लिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर याचिका को खारिज कर दिया गया है। शिक्षक अंगद सिंह सलामे ने आरोप लगाया था कि एनआईए के अफसर उन्हें जबरन नक्सल प्रकरण में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही जांच के नाम पर उनकी पत्नी का मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए हैं।



लेकिन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु शामिल थे, ने मामले की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट किया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और ऐसे मामलों में जांच एजेंसी को पूर्ण स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।



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शिक्षक के आरोप

याचिकाकर्ता शिक्षक अंगद सिंह सलामे ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि एनआईए ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनसे कई बार पूछताछ की। पत्नी के मोबाइल और अन्य डिवाइस जब्त कर लिए गए। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने एक नक्सली को सरेंडर कराने का दबाव बनाया था। ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।



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एनआईए का पक्ष

एनआईए की ओर से अधिवक्ता बी. गोपा कुमार ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। शिक्षक की नक्सल गतिविधियों में संलिप्तता की संभावना है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की जांच से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।



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हाई कोर्ट का फैसला

डिवीजन बेंच ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक संवेदनशील और नक्सल प्रभावित राज्य है। यहां नक्सल गतिविधियां राष्ट्रीय हित और आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। केंद्र और राज्य सरकारें बस्तर क्षेत्र को नक्सलमुक्त करने के लिए कार्य कर रही हैं। ऐसे में एनआईए को जांच में बाधा नहीं दी जा सकती।



अंततः कोर्ट ने शिक्षक की याचिका खारिज करते हुए जांच एजेंसी को फ्री हैंड दे दिया है। अब एनआईए जब्त किए गए मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सबूतों की गहन जांच कर सकेगी।



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