टीएस सिंहदेव ने फिर की पीसीसी चीफ की दावेदारी, बैज चाहते हैं दोबारा मौका, भूपेश खेमे में हलचल
RAIPUR : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने फिर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर कर दी है।
सिंहदेव के इस बयान के बाद कांग्रेस संगठन में नए सिरे से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पार्टी के भीतर इसे आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी और संगठनात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जून में पूरा होगा बैज का कार्यकाल:
वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जून में पूरा होने वाला है। ऐसे में नए अध्यक्ष को लेकर दावेदारियों और अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। टीएस सिंहदेव के सामने आने से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मौजूदा अध्यक्ष दीपक बैज के समर्थक खेमों में भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान इस बार ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन और वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके।
तालमेल को बताई प्राथमिकता:
टीएस सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें जिम्मेदारी देता है, तो वे प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और सभी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना होगी। सिंहदेव ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने के लिए संवाद, समन्वय और सामूहिक नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे गुटबाजी से ऊपर उठकर पार्टी को एकजुट करने की दिशा में काम करेंगे।
कांग्रेस में घमासान तेज:
सिंहदेव के इस बयान के बाद कांग्रेस के अंदर कई तरह के राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2028 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व संगठन में बड़े बदलाव कर सकता है। पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवा चुकी है और लोकसभा चुनाव में भी उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ऐसे में कांग्रेस अब संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रही है।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा:
टीएस सिंहदेव का नाम सामने आने से कांग्रेस के भीतर नेतृत्व संतुलन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सिंहदेव को पार्टी का सौम्य और संतुलित चेहरा माना जाता है। वे लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं और संगठन में उनकी स्वीकार्यता भी व्यापक मानी जाती है। यही कारण है कि उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मजबूत दावेदार बता रहे हैं।
हाईकमान के पाले भवन गेंद:
कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का फैसला हाईकमान करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी पद के लिए खुली दावेदारी की परंपरा नहीं है और अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेता है। बैज ने यह भी कहा कि उनका पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी पर है।
बघेल के समर्थक भी दावेदार:
उधर, कांग्रेस विधायक उमेश पटेल और नेता देवेंद्र यादव के नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर युवा और अनुभवी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को लेकर भी मंथन चल रहा है।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकर:
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में कांग्रेस संगठन में बड़े फैसले हो सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर हाईकमान किस चेहरे पर भरोसा जताता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है। फिलहाल टीएस सिंहदेव के बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को नया मोड़ दे दिया है और संगठन के भीतर शक्ति संतुलन की बहस फिर से तेज हो गई है।
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