छत्तीसगढ़ के दो गांव के बदले नाम, विजय शर्मा ने सौंपी राजपत्र की प्रति
कबीरधाम जिले के दो गांवों की पहचान अब बदल गई है। वर्षों से गधहाभाटा नाम से जाना जाने वाला गांव अब आधिकारिक तौर पर सोनपुर कहलाएगा। वहीं चांडालपुर गांव का नाम बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। ग्रामीणों को अपने ही गांव का नाम बताने में झिझक होती थी। कई बार लोगों को मजाक और तंज का भी सामना करना पड़ता था। अब राजपत्र में प्रकाशन के बाद दोनों गांवों को नई पहचान मिल गई है।
चांडालपुर भी बना चंदनपुर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जिले के चांडालपुर गांव का नाम बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। इसका भी राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है। इसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या जिले में ऐसे और गांव हैं, जिनके नाम को लेकर लोगों में असहजता है? साथ ही, क्या भविष्य में ऐसे और नाम परिवर्तन के प्रस्ताव सामने आ सकते हैं?
लंबी मांग के बाद मिली मंजूरी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को राजपत्र की प्रति सौंपी। उन्होंने बताया कि गांव का नाम बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पंचायत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके बाद मंत्रिमंडल में चर्चा हुई और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद नाम परिवर्तन को अंतिम स्वीकृति दी गई। अब सरकारी रिकॉर्ड में भी गांवों के नाम सोनपुर और चंदनपुर दर्ज होंगे।
7.50 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा
सोनपुर पहुंचकर उप मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों की घोषणा भी की। सामुदायिक भवन की मरम्मत के लिए 2.50 लाख रुपए, किचन निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, गौठान के समतलीकरण के लिए 1 लाख रुपए और पचारी निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए स्वीकृत किए गए। इस तरह कुल 7.50 लाख रुपए के विकास कार्यों का ऐलान किया गया।
क्या नाम बदलने से बदलेगी तस्वीर?
ग्रामीण गांव का नाम बदलने को सम्मान और पहचान से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या सिर्फ नाम बदलने से गांव की तस्वीर बदल जाएगी? क्या विकास की गति भी उतनी ही तेज होगी, जितनी नाम परिवर्तन की प्रक्रिया रही? ग्रामीणों को उम्मीद है कि नई पहचान के साथ गांव को नई सुविधाएं भी मिलेंगी।
गांव का नाम नहीं, आत्मसम्मान बदला
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल पहचान नहीं होते, बल्कि वे इतिहास, संस्कृति और स्थानीय भावनाओं से जुड़े होते हैं। उनके अनुसार, सोनपुर नाम ग्रामीणों के आत्मसम्मान को और मजबूत करेगा। उन्होंने लोगों से अपने दैनिक व्यवहार में भी नए नाम का उपयोग करने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी पहचान के साथ आगे बढ़ें।
अब गांव की तकदीर बदलने की बारी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 जून को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इसमें पात्र परिवारों की सूची का वाचन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से ग्राम सभा में शामिल होने की अपील की। गांव का नाम तो बदल गया है, लेकिन असली चुनौती विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सोनपुर और चंदनपुर केवल नाम से नहीं, बल्कि काम से भी नई पहचान बनाएंगे।
FAQ
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के किन दो गांवों के नाम बदले गए हैं?
उत्तर: कबीरधाम जिले के दो गांवों के नाम बदले गए हैं। वर्षों से 'गधहाभाटा' नाम से जाने जाने वाले गांव का नया नाम 'सोनपुर' और 'चांडालपुर' गांव का नया नाम 'चंदनपुर' कर दिया गया है। ग्रामीणों को पुराने नामों के कारण समाज में मजाक और असहजता का सामना करना पड़ता था। - गांवों का नाम बदलने की आधिकारिक प्रक्रिया और मंजूरी कैसे मिली?
उत्तर: सबसे पहले संबंधित ग्राम पंचायत ने नाम बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा। इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में इस पर चर्चा हुई और राज्यपाल की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित किया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को इसकी आधिकारिक प्रति सौंपी। - प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर किस विशेष तारीख और कार्यक्रम की घोषणा की गई है?
उत्तर: पात्र परिवारों की सूची का वाचन करने और पारदर्शिता लाने के लिए 24 जून को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य गांव का नाम बदलने के साथ-साथ वहां रोजगार और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
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