प्रमुख सचिव का आदेश, फील्ड विजिट अनिवार्य, फोटो भी व्हाट्सएप ग्रुप में करनी होगी साझा
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग में अब अफसरों की फील्ड ड्यूटी पर जोर दिया गया है। हाल ही में विभाग की कमान संभालने वाले प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने आईएएस अधिकारियों और नगरीय निकायों के अफसरों को रोज वार्डों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम कमिश्नर से लेकर नगर पालिका और नगर पंचायत के सीएमओ तक अपनी टीम के साथ मैदान में उतरेंगे। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान की तस्वीरें विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करनी होंगी। यानी अब सिर्फ दफ्तर में बैठकर योजनाओं की समीक्षा करने से काम नहीं चलेगा, जमीन पर जाकर स्थिति देखनी होगी।
सफाई से लेकर निर्माण तक नजर
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को शहरों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, नालंदा परिसर और दूसरे निर्माण कार्य शामिल हैं। अधिकारियों को सुबह फील्ड में जाकर सफाई, कचरा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने के निर्देश दिए गए हैं। फोटो साझा करने की व्यवस्था के जरिए निरीक्षण की जानकारी विभागीय स्तर पर उपलब्ध कराने पर जोर है।
नए इलाकों में पानी और सफाई
शहरों में नए जुड़े क्षेत्रों की समस्याओं पर भी ध्यान देने को कहा गया है। यहां पानी, सफाई और हरियाली से जुड़े कामों को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं। बाजारों की रोज सफाई, समय पर कचरा उठाने और घरों, बाजारों व सार्वजनिक जगहों पर गीला-सूखा कचरा अलग करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। सवाल यह है कि इन निर्देशों का असर उन इलाकों में कितना दिखेगा, जहां बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें बनी रहती हैं।
पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का सवाल
प्रमुख सचिव ने पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर विकास कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS पोर्टल से मिलने वाली शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करने पर जोर दिया गया है। शिकायतें सिर्फ दर्ज नहीं हों, बल्कि उनका समाधान भी हो, यह जिम्मेदारी अधिकारियों पर रहेगी।
38 नालंदा परिसरों पर भी नजर
बैठक में 38 नालंदा परिसरों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत और बन चुके मकानों की समीक्षा करने को भी कहा गया है। इससे आवास योजना की प्रगति और अधूरे कामों की स्थिति पर निगरानी बढ़ाने का प्रयास है। अब इन निर्देशों को जमीन पर लागू कराने की चुनौती नगरीय निकायों के अधिकारियों के सामने रहेगी।
व्हाट्सएप ग्रुप से होगी मॉनिटरिंग
फील्ड निरीक्षण की फोटो विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने की व्यवस्था से अधिकारियों की गतिविधियों की निगरानी का रास्ता बनाया गया है। लेकिन असली सवाल फोटो भेजने से आगे का है। क्या वार्डों की समस्याएं वास्तव में हल होंगी? क्या सफाई, पानी और कचरा प्रबंधन की शिकायतों पर समय से कार्रवाई होगी? विभाग के निर्देशों के बाद अब शहरों में अफसरों की मौजूदगी और काम के नतीजों पर नजर रहेगी।
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