छत्तीसगढ़ में अमेरिकी नागरिकों से ठगी, 42 युवक गिरफ्तार

thesootr Desk | Mar 27, 2026, 14:48 IST
US Citizens Defrauded in Chhattisgarh raipur
छत्तीसगढ़ में अमेरिकी नागरिकों से ठगी के मामले में रायपुर पुलिस ने 42 युवकों को पकड़ा है। ठगों ने कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों को बैंक लोन, सिबिल स्कोर सुधारने के झांसे में फंसाया। मास्टरमाइंड फरार है।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
  • 42 युवकों की गिरफ्तारी,मास्टरमाइंड फरार
  • फर्जी लोन और सिबिल स्कोर सुधारने का झांसा देकर लाखों की ठगी
  • व्हाट्सऐप और टेलीग्राम से अमेरिकी नागरिकों का डेटा जुटाकर किया धोखा
  • पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 42 युवकों को गिरफ्तार किया है, जो एक कॉल सेंटर गिरोह का हिस्सा थे। ये गिरोह विदेशियों को फर्जी बैंक लोन, सिबिल स्कोर सुधारने के नाम पर ठगी कर रहा था। ठगों ने विदेशी नागरिकों को डराकर और झांसा देकर उनकी बैंक डिटेल्स हासिल की और लाखों डॉलर की ठगी की।



42 युवक गिरफ्तार


गिरफ्तारी और ठगी के तरीके

पुलिस के मुताबिक, ये ठग गुजरात के दो व्यक्तियों, विकास शुक्ला और संजय शर्मा द्वारा संचालित किए जा रहे थे। इन दोनों ने रायपुर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और अंजनी टावर में ऑफिस किराए पर लिया था। इसके अलावा, उन्होंने रायपुर में एक महंगे फ्लैट को भी रेंट पर लिया था। हालांकि, मास्टरमाइंड विकास शुक्ला और संजय शर्मा खुद रायपुर में नहीं रुकते थे, बल्कि वे कुछ दिनों के अंतराल पर आते थे और फिर वापस अहमदाबाद लौट जाते थे।



व्हाट्सऐप और टेलीग्राम का इस्तेमाल

आरोपियों ने व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करके अमेरिकी नागरिकों का डेटा इकट्ठा किया था। इसके बाद, वे कॉल करके नागरिकों को डराते थे कि उनका सिबिल स्कोर खराब हो गया है या उनकी किस्त जमा नहीं हुई है। इसके बाद, वे बैंक की जानकारी हासिल कर ऑनलाइन चेक जनरेट करते थे और पैसे की ठगी करते थे।



कॉल सेंटर कर्मचारियों की स्थिति

जांच में यह सामने आया कि इस कॉल सेंटर में काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी केवल 12वीं पास थे और उन्हें अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान नहीं था। ट्रेनिंग के दौरान, उन्हें हिंदी में लिखी स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिससे वे अमेरिकी नागरिकों से अंग्रेजी में बात करते थे। जब कोई ग्राहक कठिन सवाल पूछता था, तो कॉल सीनियर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। इन युवाओं को करीब दो महीने की खास ट्रेनिंग दी गई थी, ताकि वे ठगी में माहिर हो सकें।



संदीप शर्मा और विकास शुक्ला की तलाश

पुलिस ने इस कॉल सेंटर सिंडिकेट के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रोहित यादव, सौरभ सिंह, और गौरव यादव शामिल हैं। हालांकि, मास्टरमाइंड विकास शुक्ला और संजय शर्मा अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में पुलिस ने अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। 42 युवकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मास्टरमाइंड फरार है। ठगों ने विदेशियों से फर्जी बैंक लोन और सिबिल स्कोर सुधारने का झांसा देकर लाखों डॉलर की ठगी की। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।



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