रायपुर में RTI पर मंथन : जानिए कैसे एक आवेदन से सुधर सकती है व्यवस्था
समझें क्या है पूरा मामला
- रायपुर में RTI की निःशुल्क कार्यशाला आयोजित
- नागरिकों और युवाओं ने सीखे RTI के तरीके
- RTI कानून की जानकारी देने जुटे विशेषज्ञ
- सूचना के अधिकार पर रायपुर में प्रशिक्षण
- RTI से पारदर्शिता बढ़ाने पर हुई चर्चा
Raipur। रायपुर में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। V-KAN Shine Foundation की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से नागरिकों, पत्रकारों और जेन-ज़ी युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को आरटीआई कानून की जानकारी देना और इसके प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित करना था।
राजधानी के विमतारा हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला और अभिषेक प्रताप सिंह ने आयोजन की भूमिका रखी। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार आम नागरिक को शासन की कार्यप्रणाली समझने और जवाबदेही तय करने का मजबूत माध्यम देता है।
पूर्व सूचना आयुक्त ने बताए RTI के इस्तेमाल के तरीके
कार्यशाला में पूर्व राज्य सूचना आयुक्त और वरिष्ठ पत्रकार धनवेन्द्र जायसवाल ने आरटीआई आवेदन से लेकर अपील प्रक्रिया तक की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार केवल जानकारी मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासन में पारदर्शिता लाने का प्रभावी जरिया है।
उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि आरटीआई आवेदन कैसे तैयार किया जाए। साथ ही प्रथम अपील, द्वितीय अपील और शिकायत की प्रक्रिया को भी समझाया। उन्होंने सूचना अधिकारियों द्वारा लगाई जाने वाली सामान्य आपत्तियों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों पर भी चर्चा की।
धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि आरटीआई के जरिए नागरिक केवल दस्तावेज ही नहीं बल्कि जरूरत के अनुसार सामग्री के नमूने भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कानून के विभिन्न प्रावधानों को उदाहरणों के साथ समझाया।
अधिकारियों ने बताईं कानून की महत्वपूर्ण धाराएं
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जन सूचना अधिकारी सीमांत तिवारी ने आरटीआई अधिनियम की प्रक्रिया और उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने धारा 6(3), धारा 8, धारा 18 और धारा 19 के प्रावधानों को विस्तार से बताया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचनाओं के साथ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सही तरीके से दायर किया गया आरटीआई आवेदन किसी भी नागरिक को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है।
जानकारी पाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार
वरिष्ठ अधिवक्ता शरद प्रकाश यादव ने कहा कि संविधान का मूल भाव We the People है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिक ही वास्तविक शक्ति हैं और शासन की कार्यप्रणाली को जानना उनका संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मजबूत करता है। जब नागरिकों के पास सही जानकारी होती है तो वे शासन व्यवस्था में बेहतर भागीदारी निभा सकते हैं।
पत्रकारों ने बताया RTI का महत्व
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए सूचना का अधिकार कानून का प्रभावी रहना बेहद जरूरी है। वरिष्ठ पत्रकार पी.सी. रथ ने आरटीआई आंदोलन के शुरुआती दौर के अनुभव साझा किए।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी लोकतंत्र के लिए आरटीआई उतना ही महत्वपूर्ण है जितना स्वतंत्र मीडिया। उन्होंने बताया कि इस कानून ने आम लोगों को अपनी आवाज उठाने का एक मजबूत माध्यम दिया है।
भ्रष्टाचार ही नहीं, व्यवस्था सुधार में भी मददगार RTI
कार्यशाला में वक्ताओं ने बताया कि आरटीआई को अक्सर भ्रष्टाचार उजागर करने के साधन के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसका दायरा इससे कहीं ज्यादा बड़ा है।
कुणाल शुक्ला ने कहा कि आरटीआई के जरिए सरकारी विभागों के कामकाज, संसाधनों और परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलती है। इससे विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार आता है और जवाबदेही बढ़ती है।
इस दौरान कुणाल शुक्ला द्वारा रायपुर नगर निगम में दायर किए गए 551 आरटीआई आवेदनों का उदाहरण भी दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि इन आवेदनों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिनसे विभागीय स्तर पर राजस्व बढ़ाने में सहायता मिली।
कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसी पहल से आम लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी मिलती है और वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
FAQ
- RTI कार्यशाला का आयोजन किसने किया था?
रायपुर में V-KAN Shine Foundation द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम पर निःशुल्क कार्यशाला आयोजित की गई थी। - कार्यशाला में किन विषयों की जानकारी दी गई?
इसमें RTI आवेदन प्रक्रिया, प्रथम और द्वितीय अपील, कानून की धाराओं और सूचना प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। - RTI कानून को महत्वपूर्ण क्यों बताया गया?
वक्ताओं ने कहा कि RTI नागरिकों को सशक्त बनाता है और शासन में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने का काम करता है।
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