अफवाहों से थमी छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन की रफ्तार, मध्य प्रदेश रहा आगे
NEWS IN SHORT
- मध्य प्रदेश 100% से अधिक टीकाकरण करके देश में अव्वल रहा।
- छत्तीसगढ़ अफवाहों और जागरूकता की कमी से 4.7% पर अटका।
- सोशल मीडिया पर फैली वैक्सीन से बांझपन की भ्रामक अफवाह।
- पश्चिम बंगाल में अब तक शुरू नहीं हुआ टीकाकरण अभियान।
- यह वैक्सीन महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से 90% बचाती है।
NEWS IN DETAIL
केंद्र सरकार द्वारा देश को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे 'एचपीवी टीकाकरण अभियान' में राज्यों के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां मध्य प्रदेश (MP) ने लक्ष्य से अधिक टीका लगाकर देश में पहला स्थान हासिल किया है, वहीं छत्तीसगढ़ अफवाहों और जागरूकता की कमी के कारण बेहद पीछे छूट गया है।
छत्तीसगढ़ में सुस्ती की वजह: अफवाहें और झिझक
छत्तीसगढ़ में 2.62 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 12,302 (4.7%) लड़कियों को ही वैक्सीन लग सकी है। राज्य का यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत (26.59%) से काफी कम है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ देश में 26वें स्थान पर खिसक गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी, शर्म, और स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित पहुंच इस सुस्ती के मुख्य कारण हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक अफवाहें माहौल को और खराब कर रही हैं। हाल ही में दीपक कुमार नामक युवक का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि इस वैक्सीन से लड़कियां भविष्य में मां नहीं बन सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित बताया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
टीकाकरण के आंकड़े: कौन आगे, कौन पीछे?
टॉप प्रदर्शन करने वाले राज्य:
मध्य प्रदेश: 7.51 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 7.58 लाख से अधिक टीके लगाकर 100.95% कवरेज के साथ नंबर वन पर है।
गुजरात: 99.88% कवरेज के साथ दूसरे स्थान पर है।
मिजोरम (74.64%), बिहार (50.93%), और आंध्र प्रदेश (50.28%) भी टॉप 5 में शामिल हैं।
सबसे खराब प्रदर्शन वाले राज्य:
टीकाकरण की दौड़ में पश्चिम बंगाल सबसे पीछे (0%) है, जहां अभी अभियान शुरू ही नहीं हुआ है। इसके बाद उत्तर प्रदेश (1.15%), चंडीगढ़ (1.58%), गोवा (1.84%), और झारखंड (1.89%) का नंबर आता है।
कैंसर एक्सपर्ट की राय: क्यों जरूरी है यह वैक्सीन?
मेकाहारा के डीन और कैंसर विशेषज्ञ डॉ. विवेक चौधरी के अनुसार:
> "यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के स्ट्रैन 16 और 18 के कारण होता है, जो छत्तीसगढ़ की महिलाओं में पहले नंबर पर है। किशोरियों को समय पर इसकी 3 डोज देने से उनकी इम्युनिटी मजबूत होती है। यदि सभी लड़कियां यह टीका लगवाएं, तो 90% महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाया जा सकता है।"
राहत की बात यह है कि सरकार द्वारा यह जीवनरक्षक वैक्सीन पूरी तरह मुफ्त लगाई जा रही है, बस जरूरत है तो जागरूकता की और अफवाहों से बचने की।
निष्कर्ष
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका बेहद जरूरी है। जहां मध्य प्रदेश ने शत-प्रतिशत टीकाकरण कर मिसाल कायम की है, वहीं छत्तीसगढ़ में फैली अफवाहें चिंताजनक हैं। महिलाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए भ्रामक सूचनाओं को रोकना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाना बेहद आवश्यक है।
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