देशभर में एक साथ गाएंगे वंदे मातरम 3 लाख छत्तीसगढ़ी विद्यार्थी भी तैयार

VINAY VERMA | Sept 12, 2026, 19:57 IST
Gen Alpha का सबसे बड़ा देशभक्ति अभियान
25 सितंबर को देशभर में एक साथ वंदे मातरम गायन कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ के 1100 से ज्यादा सरस्वती शिशु मंदिरों के करीब 3 लाख विद्यार्थी और 11 हजार शिक्षक इसमें शामिल होंगे। सुबह 11 बजे सामूहिक गायन होगा।

25 सितंबर को देश में ऐसा नजारा दिखने वाला है, जिसकी गूंज रिकॉर्ड बुक तक पहुंच सकती है। सुबह ठीक 11 बजे देशभर के करोड़ों विद्यार्थी, शिक्षक और आम नागरिक एक साथ पूरा वंदे मातरम गाएंगे। दावा है कि इस सामूहिक गायन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी है। खास बात यह है कि इस पूरे आयोजन में Zen Alpha पीढ़ी के लाखों बच्चे और युवा भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।



छत्तीसगढ़ पीछे नहीं

देश के इस बड़े आयोजन में छत्तीसगढ़ भी अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। प्रदेश के 1100 से ज्यादा सरस्वती शिशु मंदिरों में करीब तीन लाख विद्यार्थी और 11 हजार शिक्षक एक साथ वंदे मातरम गाएंगे। यानी एक ही समय पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों आवाजें एक साथ उठेंगी।



11 बजे तय होगा समय

कार्यक्रम में सबसे ज्यादा जोर एक समय और एक साथ गायन पर है। 25 सितंबर को सुबह 11 बजे तय स्थानों पर पूरा वंदे मातरम गाया जाएगा। आसपास के दूसरे स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है।



रिकॉर्ड का असली खेल

यह महज गीत गाने का कार्यक्रम नहीं है। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रतिभागियों की संख्या, कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं का पूरा हिसाब रखा जाएगा। जरा सी चूक भी रिकॉर्ड के दावे पर सवाल खड़ा कर सकती है, इसलिए आयोजक तय नियमों के हिसाब से तैयारी कर रहे हैं।



नेटवर्क भी बड़ा

आयोजकों के मुताबिक विद्या भारती का नेटवर्क देश के 684 जिलों तक फैला है। इसके 12 हजार से ज्यादा स्कूल और करीब 8 हजार अनौपचारिक शिक्षा केंद्र बताए गए हैं। सरस्वती शिशु मंदिरों में 1.53 लाख से ज्यादा शिक्षक और 35.33 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।



150 साल का मौका

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके पर यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी की लड़ाई, देशभक्ति और मातृभूमि से जुड़ी भावनाओं का प्रतीक है। इसी वजह से इसे नई पीढ़ी तक बड़े स्तर पर पहुंचाने की कोशिश हो रही है।



छत्तीसगढ़ में जोरदार तैयारी

प्रदेश के स्कूलों में कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजकों की कोशिश है कि सरस्वती शिशु मंदिरों तक सीमित रहने के बजाय आसपास के स्कूल, कॉलेज, युवा और आम नागरिक भी इसमें शामिल हों। अब 25 सितंबर को सुबह 11 बजे यह देखना अहम होगा कि छत्तीसगढ़ की तीन लाख से ज्यादा आवाजें देश की करोड़ों आवाजों के साथ मिलकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में कितना बड़ा हिस्सा निभाती हैं।



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