वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत जिम्मेदारों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा, चीनी मशीन और विदेशी कबाड़ से बनी फैक्टरी
Raipur : छत्तीसगढ़ के सक्ति में वेदांता पॉवर हादसे के बाद इस पर सियासत और तेज हो गई है। कांग्रेस ने वेदांता और सरकार पर संगीन आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है
कि इतने बड़े हादसे और 20 लोगों की जान जाने के बाद भी वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत अन्य लोगों पर जमानाती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इन लोगों पर गैर जमानती अपराध दर्ज होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का ये भी कहना है
कि यह उद्योग विभाग के अमले की गंभीर लापरवाही है इसलिए विभाग के अफसरों पर भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि वेदांता पावर में प्रबंधन की गंभीर लापरवाही है। चीनी मशीनरी से फैक्ट्री बनाई गई है।
वेदांता ने खरीदी 10 सालों से बंद फैक्टरी
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि वेदांता पावर पहले एथेना पावर के नाम से संचालित थी, जो 10 वर्षो तक बंद रही। फिर इसे वेदांता ग्रुप ने खरीदा। सवाल यह है
कि 10 सालों तक बंद फैक्टरी को जब शुरु किया तो कितने उपकरण बदले, कितनी मशीनें कंडम हुईं। उद्योग विभाग ने इसका आडिट कराया था क्या। इसकी जांच होनी चाहिये। प्रदेश में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाएं चिंता का विषय है। यह सुरक्षा मानकों के प्रति बरती जा रही घोर लापरवाही है।
\ ऐसी घटना केवल दुर्घटना नहीं हत्या है, सदोष मानव वध है। राज्य में पिछले ढाई सालों में औद्योगिक दुर्घटना में लगभग 300 श्रमिकों की जानें गयी है। इस मामले में एफआईआर तो की गई
\लेकिन जमानती धारायें लगाई गयी है। साथ ही उद्योग विभाग के जिम्मेदार लोगो क्यों छोड़ा गया। लापरवाही तो सरकारी अमले की भी है। हमारी मांग है ऐसी कार्यवाही हो ताकि सुरक्षा मानकों के लिए लापरवाही बंद हो।
उद्योग विभाग की लापरवाही
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि वेदांता पावर की दुर्घटना सरकार के उद्योग विभाग और प्रबंधन की लापरवाही से हुई। हमने वहां पर जो देखा लोगों से चर्चा की उससे साफ हो गया
कि यह दुर्घटना घोर लापरवाही का परिणाम है। सावधानी बरती जाती तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती। इस दुर्घटना में सरकार की भी लापरवाही है। सवाल है कि सरकार का उद्योग सेफ्टी विभाग क्या कर रहा था। सरकार के पास बायलर सुरक्षा जाँच अधिकारी कार्यरत है।
दुर्घटना के बाद वह घटना स्थल पर पहुंचते हैं। दुर्घटना के पहले नियमित जांच में कब की गई। किलेन और बायलर की जब नियमित सफाई होती है तो इस मेंटेनेन्स के पहले उद्योग सुरक्षा विभाग इसका निरीक्षण क्यों नहीं करता।
जब एक वायलर की सफाई की जाती है, तो दूसरे किलेन या वायलर को बंद रखा जाना चाहिए, यहां पर उस मानक का पालन नहीं किया गया।
कांग्रेस की डिमांड
दोषियो पर 105 वीएनएस की धारा लगाई जाए।
हाईकोर्ट से वर्तमान जज से जांच कराई जाए।
उद्योग विभाग की तकनीकी टीम घटना के तकनीकी पहलू की जांच करे, सुरक्षा जांच हो।
घायलों का मुंबई, कोयम्बटूर जैसे बड़े संस्थानो के बर्न यूनिट में इलाज कराया जाए।
हत्या का मामला दर्ज हो
महंत ने कहा कि बहुत सामान्य धाराओं में एफआईआर हुई है। 20 से अधिक लोग मरे है। हमारी मांग है सदोष मानव वध की धारा लगाई जाए सरकार बड़े उद्योगपतियों के सामने नतमस्तक है।
घटना की हम सरकार की जांच की घोषणा से संतुष्ठ नही है। इतनी बड़ी घटना की जांच एसडीएम कर रही है। हम मांग करते है हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए।
यह घटना मंत्री ओपी चौधरी के घर से 5 किलोमीटर दूरी पर हुई है। वे ताकतवर मंत्री है, कभी उन्होंने कंपनी की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। दुर्घटना हुई इसका मूल कारण लापरवाही और जांच की लापरवाही है। 3 वर्ष में 256 लोग दुर्घटना शिकार हुये।
सारी घटनायें भाजपा सरकार के दौरान ही हो रही। दुर्घटना सरकार की लापरवाही और अनुभवहीन लोगो के कारण हो रही है।
पहले भी इसी वेदांता समूह के बॉल्को में 40 लोगों की मौत हुई यहां भी 20 लोगो की मौत हुई है। ज्यादा मुनाफा कमाने प्रबंधन ने चीनी सामान का और विदेशों के कबाड़ से कारखाना बनाया।
यह खबरें भी पढ़े...
वेदांता प्लांट हादसा; घायलों की लिस्ट गायब, अस्पतालों के चक्कर काटकर थक गए बेबस परिजन
वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट; अब तक 20 मजदूरों की मौत, 36 झुलसे, 17 की हालत नाजुक