वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच शुरू; कमिश्नर सुनील जैन को मिली जिम्मेदारी, 30 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
NEWS IN SHORT
- वेदांता पावर प्लांट हादसे में 20 श्रमिकों की मौत हुई हैं और 15 घायल हैं
- राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं सुनील जैन को जांच अधिकारी बनाया हैं
- सीएम साय ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं
- घटना की जांच में हादसे के कारणों और भविष्य में रोकने के उपायों पर होगा फोकस
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन, अधिकारियों को त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे में 20 श्रमिकों की जान चली गई हैं। वहीं 15 अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं।
घायल श्रमिकों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। हादसे के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के लिए आयुक्त सुनील जैन को नियुक्त किया गया हैं
राज्य सरकार ने बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन को हादसे की जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें 30 दिनों के अंदर घटना की पूरी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को
प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में हादसे के कारणों, परिस्थितियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर फोकस किया जाएगा।
कंपनी की लापरवाही पर सवाल
यह हादसा पावर प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुआ, जहां स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के जॉइंट में तकनीकी खराबी के कारण घटना घटित हुई।
इस खराबी के कारण 20 श्रमिकों की मौत हुई और 15 अन्य घायल हो हुए हैं। कंपनी की इस लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की हैं। उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल की निष्पक्ष और त्वरित जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
भविष्य में रोकने के लिए सरकार ने उठाए कदम
राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों, कड़े कदम उठाने की बात कही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
यह खबरें भी पढ़े...
वेदांता प्लांट हादसा; घायलों की लिस्ट गायब, अस्पतालों के चक्कर काटकर थक गए बेबस परिजन