वेदांता पावर प्लांट हादसा अपडेट; बॉयलर टेस्टिंग के दौरान गया था अंदर, हादसे के बाद से एक मजदूर अभी तक लापता
NEWS IN SHORT
- वेदांता पावर प्लांट हादसे में लापता मजदूर की खोज जारी हैं
- 20 मजदूरों की मौत, मुआवजे के लिए अड़े परिवार वाले
- प्रशासन और पुलिस की जांच, प्लांट प्रबंधन पर गंभीर सवाल
- मंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं
- कांग्रेस जांच टीम की रिपोर्ट, प्लांट प्रबंधन की लापरवाही हैं
NEWS IN DETAIL
Sakti। सक्ति न्यूज:वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद एक मजदूर दिलीप कुमार लापता हो गया है। वह बॉयलर टेस्टिंग के दौरान प्लांट के अंदर गया था, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
गुरुवार को उसके परिवार के सदस्य प्लांट पहुंचे और खोजबीन में जुटे रहे, लेकिन शाम तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई। परिवारवालों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन इस मामले में पूरी तरह से चुप है और जानकारी देने में कोताही बरत रहा है।
हादसे में 20 की मौत, परिजनों की मुआवजे की मांग
इस हादसे में पहले ही 20 मजदूरों की जान चली गई और 15 से ज्यादा लोग घायल हैं, जो विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। मजदूर संगठनों और परिवारों ने मुआवजे की मांग की है।
भारतीय मजदूर संघ ने मृतकों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासन और पुलिस टीम ने शुरू की जांच
इस हादसे की जांच प्रशासन और पुलिस की टीम द्वारा की जा रही है। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने लापता मजदूर दिलीप कुमार की जल्द खोजबीन करने की मांग की है।
अधिकारियों ने हादसे की जांच में यह पाया है कि वेदांता कंपनी और एनजीएसएन द्वारा मशीनरी और उपकरणों की देखरेख में लापरवाही बरती गई थी, जिससे बॉयलर फर्नेस में अत्यधिक दबाव बढ़ गया और हादसा हुआ।
कांग्रेस जांच टीम और मंत्री की सख्त प्रतिक्रिया
कांग्रेस की 10 सदस्यीय जांच टीम भी गुरुवार को प्लांट पहुंची और हादसे की जांच की। (सक्ती पावर प्लांट हादसा)कांग्रेस नेताओं ने प्लांट प्रबंधन की लापरवाही को मुख्य कारण बताया।
राज्य के (उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन )मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और गंभीरता से जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।
घायलों से मिले मंत्री
मंत्री देवांगन ने रायगढ़ के अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि घायलों को बेहतर उपचार मिलेगा और मुआवजे के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी दी जाएगी।
अब क्या होगा?
इस हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने लापता मजदूर की खोजबीन के लिए प्रयास और तेज कर दिए हैं
लेकिन परिवार और मजदूर संगठनों का आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
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