VIP दौरों में PWD अफसरों का बाग बाग दिल, कुछ देर की विजिट में फाड़े लाखों के बिल
छत्तीसगढ़ में वीआईपी विजिट पीडब्ल्यूडी के अफसरों और टेंट संचालकों के लिए बड़ी कमाई का साधन बन गए हैं। कार्यक्रम छोटा हो या बड़ा या फिर कुछ देर का ही क्यों न हो उस पर लाखों के टेंट और साउंड लग जाते हैं।
बिलासपुर में दो साल में हुए 50 सरकारी कार्यक्रमों में 6 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यानी हर कार्यक्रम पर 12 लाख रुपए का टेंट और साउंड। वीआईपी के दौरों पर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के अफसरों की ही होती है।
अब सवाल यह है कि इसे फिजूलखर्ची कहें या फर्जीवाड़ा। सूत्रों की मानें तो सरकारी कार्यक्रमों के नाम पर लाखों के फर्जी बिल फाड़े जा रहे हैं।
वीआईपी का आगमन,अफसरों की मौज :
छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी के अफसर वीआईपी दौरों पर मौज काट रहे हैं। चूंकि व्यवस्था की जिम्मेदारी इनकी होती है इसलिए टेंट भी इनका, साउंड भी इनका और बिल भी इनका, तो जो चाहे वो करो।
ये सरकारी कार्यक्रम के नाम पर लंबा चौड़ा बिल फाड़ देते हैं और टेंट संचालक इनके नाम पर लाखों का टेंट और साउंड का बिल दे देते हैं। दोनों की कमाई हो जाती है। कार्यक्रम कुछ देर का होता है और टेंट उसमें लाखों का लग जाता है।
अगर इसे फिजूलखर्ची मानें तो यह प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के उलट है और यदि इसे फर्जीवाड़ा मानें तो फिर यह तो होना ही था। फर्जीवाड़ा इस कदर है कि यह मामला विधानसभा तक में उठ चुका है।
यह सिर्फ एक बिलासपुर जिले में दो साल में हुए सरकारी कार्यक्रमों का उदाहरण है। पूरे प्रदेश में तो इस तरह के कार्यक्रम रोज होते हैं।
6 करोड़ के बिल :
पिछले दो सालों में बिलासपुर में वीआईपी दौरों के 50 सरकारी कार्यक्रम हुए। इनमें से अधिकांश मुख्यमंत्री के दौरे शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में 6 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यानी हर कार्यक्रम में 12 लाख रुपए।
टेंट पर 5 करोड़ रुपए और साउंड और लाइटिंग के 1 करोड़ रुपए। फैमिली कोर्ट के उद्घाटन में 24 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च हुआ। सीएम ने सुशासन तिहार में एक गांव में चौपाल लगाई।
अफसरों ने वहां पर 38 लाख का टेंट तान दिया। सीएम के हेलिपैड पर व्यवस्था ही 4 लाख से ज्यादा की हो गई। इतना ही नहीं एक दिन में सीएम के एक गांव के दौरे में तीन बिल फाड़ दिए गए। अब यह फर्जीवाड़ा नहीं है तो और क्या है।
वीआईपी दौरों पर इस तरह का खर्च :
फैमली कोर्ट का उद्घाटन - 24 लाख 41 हजार
सीएम का तखतपुर दौरा -
- हेलीपेड में व्यवस्था 4 लाख 5 हजार
- स्कूल में टेंट 40 लाख 49
पोलीटेक्निक कॉलेज में टेंट 24 लाख 77हजार
सीएम का बिलासपुर आगमन - 14 लाख 93 हजार
सीएम का भ्रमण - 15 लाख 12 हजार
सीएम का सर्किट हाउस आगमन - 14 लाख 90 हजार
सीएम का सुशासन तिहार - खोंगसरा गांव में टेंट 37 लाख 70 हजार
सीएम का वर्चुअल कार्यक्रम -
- दिल्ली से कोलकाता फ्लाइट शुभारंभ टीवी स्क्रीन 1 लाख 27 हजार
- कोलकाता से बिलासपुर फ्लाइट शुभारंभ साउंड सिस्टम 1 लाख 95 हजार
- दिल्ली फ्लाइट का शुभारंभ टीवी स्क्रीन 1 लाख 5 हजार
- कोलकाता से बिलासपुर फ्लाइट शुभारंभ वाल स्क्रीन प्लेट 3 लाख
राज्य उत्सव पुलिस ग्राउंड -
- साउंड सिस्टम 3 लाख 58 हजार
- साउंड सिस्टम 3 लाख 88 हजार
पुलिस ग्राउंड में गौरव दिवस - साउंड सिस्टम 5 लाख 97 हजार
तखतपुर में न्यायालय भवन का भूमिपूजन - 21 लाख 48 हजार
खेल परिसर बहतराई में सीएम का कार्यक्रम - 19 लाख 95 हजार
खेल परिसर बहतराई में समापन कार्यक्रम - 17 लाख 83 हजार
सरकार का तर्क :
PWD मंत्री और उप मुख्यमंत्री अरुण साव कहते हैं कि वीआईपी दौरों में इस्तेमाल हुए इन टेंट और बिजली के बिलों में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है।
इन बिलों का बाकायदा सत्यापन होता है पूरी जांच के बाद ही बिल पास कर राशि जारी की जाती है। जहां पर गड़बड़ी लगती है वहां पर फंड रोक भी दिया जाता है।
वहीं बिलासपुर से आने वाले कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव कहते हैं कि इन शासकीय कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर बिलों का फर्जीवाड़ा हुआ है। वीआईपी कार्यक्रमों के मनमर्जी के बिल लगाए गए हैं। एक ही कार्यक्रम के तीन तीन बिल लगाए गए हैं।
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