स्टेट मोटर गैराज में वीआईपी गाड़ियों के ईंधन में 2.5 करोड़ का घोटाला
वीआईपी वाहनों के नाम पर फर्जी फ्यूल बिल, स्टेट मोटर गैराज में बड़ा घपला
Jageshwar prasad | Jun 25, 2026, 07:46 IST
स्टेट मोटर गैराज में वीआईपी फ्यूल की हेराफेरी
राजस्थान के उदयपुर मोटर गैराज में VIP गाड़ियों के ईंधन में ढाई करोड़ का घोटाला। ऑडिट में 1 करोड़ की पुष्टि, 40 लाख रिकवर हुए और 2 कर्मचारी सस्पेंड। FIR से अफसर कतरा रहे।
समझें क्या है पूरा मामला
- स्टेट मोटर गैराज में वीआईपी गाड़ियों के ईंधन में 2.5 करोड़ का घोटाला।
- 10 लीटर को 100 लीटर दिखाकर ब्लैक मार्केट में बेचा गया ईंधन।
- मामूली खराबी पर चहेते गैराजों को NOC देकर फर्जी बिल पास किए गए।
- ऑडिट में 1 करोड़ गबन की पुष्टि, दो कर्मचारी निलंबित, 40 लाख रिकवर।
- अफसरों ने FIR दर्ज नहीं कराई, डर है कि जांच में उनके नाम आएंगे।
जयपुर की विशेष ऑडिट टीम ने मार्च से मई के बीच उदयपुर डिपो की जांच की। ऑडिट में 1 करोड़ रुपए के गबन की पुष्टि हो गई।
दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया और 40 लाख रिकवर किए गए। लेकिन अफसर अभी भी एफआईआर दर्ज कराने से कतरा रहे हैं।
10 को 100 कैसे बना दिया
रिकॉर्ड में कई गाड़ियों को एक ही दिन में दो-दो बार फुल टैंक दिखाया गया जबकि हकीकत में वह तेल सीधे ब्लैक मार्केट में जा रहा था।
कमीशन वाली NOC और फर्जी बिल
इन प्राइवेट गैराजों ने लाखों के फर्जी बिल बनाए। अफसरों ने बिना जांच के उन पर दस्तखत कर दिए।
तीन संभागों का चार्ज एक ही अफसर को
मुख्य आरोपी बाबू दीपक श्रीवास्तव को कई बार नोटिस मिले लेकिन रसूख के दम पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तब तक पानी सिर से ऊपर नहीं गया था।
ऑडिट में खुली पोल, 40 लाख रिकवर
आनन-फानन में दो कर्मचारियों से 40 लाख रुपए रिकवर किए गए। दोनों को निलंबित कर दिया गया। एक संविदा कर्मचारी को हटाया गया।
FIR से क्यों कतरा रहे अफसर
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की निगरानी में रहने वाले इस महकमे में इस स्तर का घपला इस विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
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