छत्तीसगढ़ की महिलाएं शराब की शौकीन, एमपी में भी बढ़ा मय और साकी का ट्रेंड
NEWS IN SHORT
- महिलाओं में बढ़ रहा है शराब का सेवन
- NFHS की रिपोर्ट में खुलासा
- नशे के सेवन में छत्तीसगढ़ सबसे आगे
- इसके बाद मध्यप्रदेश की महिलाएं
- राजस्थान में नहीं बढ़ा आंकड़ा
NEWS IN DETAIL
Raipur : आजकल महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। अब महिलाओं में नशे की आदत बढ़ने लगी है। छत्तीसगढ़ में महिलाओं का शराब पीने का शौक बढ़ रहा है। शराब पीने के मामले में मध्यप्रदेश की महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है हालांकि इसमें मामूली सा इजाफा हुआ है।
इस मामले में राजस्थान बेहतर स्थिति में है। यहां पर महिलाएं न ज्यादा शराब पीती हैं और न ही पिछले सालों के मुकाबले यहां पर जरा सा भी इजाफा नहीं हुआ।
तंबाकू खाने या धूम्रपान करने में भी छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति इन दोनों राज्यों से आगे है। तंबाकू के नशे में मध्यप्रदेश भी आगे है वहीं राजस्थान का नंबर इन दोनों राज्यों के बाद आता है। हाल ही में आई नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट में साल 2023-24 के आंकड़े दिए गए हैं।
महिलाएं,मदिरा और मजा
बदलते सामाजिक परिवेश के साथ महिलाओं की जीवनशैली में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी में आगे बढ़ रही महिलाओं के बीच अब शराब और तंबाकू के सेवन का चलन भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) की रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं
कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में महिलाओं के बीच शराब सेवन के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं राजस्थान इस मामले में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच शराब सेवन की दर देश के कई राज्यों की तुलना में अधिक है।
राज्य में महिलाओं के शराब पीने की प्रवृत्ति में पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में भी महिला शराब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है, हालांकि वहां वृद्धि की दर अपेक्षाकृत कम रही है। इसके विपरीत राजस्थान में महिलाओं द्वारा शराब सेवन का प्रतिशत न केवल कम है, बल्कि पिछले सर्वेक्षण की तुलना में इसमें कोई वृद्धि भी नहीं हुई है।
सबसे ज्यादा पियक्कड़ महिलाएं अरुणाचल प्रदेश में हैं। यहां हर चौथी महिला शराब पीती है। इसके अलावा सिक्किम,झारखंड और उड़ीसा का नंबर आता है जहां शराब पीने वाली महिलाओं की संख्या ज्यादा है। देश के औसत से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का औसत ज्यादा है।
महिलाओं का मदिरा प्रेम
छत्तीसगढ़
एनएफएचएस की रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पिछले चार सालों में महिलाओं के शराब पीने के शौक में इजाफा हुआ है। राज्य में 5.7 फीसदी 15 से ज्यादा उम्र की युवतियां या महिलाएं शराब पीती हैं। इनमें शहरों की 1.6 फीसदी तो गांवों में 6.8 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। साल 2019-21 में यह आंकड़ा 4.9 फीसदी था। वहीं 18.7 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। इसमें भी पिछले सालों के मुकाबले वृद्धि हुई है।
मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में पिछले चार सालों में महिलाओं के शराब पीने के शौक में भी इजाफा हुआ है,हालांकि यह बेहद मामूली है। राज्य में 1.2 फीसदी 15 से ज्यादा उम्र की युवतियां या महिलाएं शराब पीती हैं।
इनमें शहरों की 0.3 फीसदी तो गांवों में 1.2 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। साल 2019-21 में यह आंकड़ा 1.0 फीसदी था। वहीं 47.7 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। इसमें भी पिछले सालों के मुकाबले वृद्धि हुई है।
राजस्थान
राजस्थान में पिछले चार सालों में महिलाओं के शराब पीने के शौक में कोई इजाफा नहीं हुआ है। राज्य में 0.3 फीसदी महिलाएं शराब पीती हैं। इनमें शहरों की 0.1 फीसदी तो गांवों में 0.3 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।
साल 2019-21 में यह आंकड़ा 0.3 फीसदी था। वहीं 6.9 फीसदी महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। इस आंकड़े में भी कोई इजाफा नहीं हुआ है।
क्या कहते हैँ एक्सपर्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण, आर्थिक स्वतंत्रता, सामाजिक परिवेश में बदलाव और नशे के प्रति बढ़ती स्वीकार्यता जैसे कारण इस प्रवृत्ति को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे चिंता का विषय मानते हैं, क्योंकि महिलाओं में शराब सेवन से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि अभी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है और सिर्फ शुरुआत है लेकिन ट्रेंड दिखाता है कि आने वाले समय में यह संख्या बढ़ सकती है। केवल शराब ही नहीं, तंबाकू और धूम्रपान के मामले में भी छत्तीसगढ़ की महिलाएं पड़ोसी राज्यों से आगे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू उत्पादों के सेवन में छत्तीसगढ़ की महिलाओं का प्रतिशत मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों से अधिक है। मध्यप्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जबकि राजस्थान अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है।
नशे का स्वास्थ्य पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू और शराब दोनों ही महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इससे कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने महिलाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाने और नशामुक्ति कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि महिलाओं में बढ़ते नशे के रुझान को केवल व्यक्तिगत पसंद के रूप में नहीं देखा जा सकता।
इसके पीछे सामाजिक तनाव, आर्थिक दबाव, बदलती जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए समस्या के समाधान के लिए बड़ा दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
निष्कर्ष
NFHS की रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि महिलाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अब केवल पुरुषों तक सीमित रहने वाला विषय नहीं रह गया है। आने वाले समय में यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में महिलाओं में शराब पीने का स्तर कितना बढ़ा है?
NFHS 2023-24 के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 15 साल से ऊपर की महिलाओं में 5.7% शराब पीती हैं। शहरों में 1.6%, गांवों में 6.8% महिलाएं शामिल हैं। पिछली रिपोर्ट में यह 4.9% था। - मध्यप्रदेश और राजस्थान में स्थिति कैसी है?
मध्यप्रदेश में 15 साल से ऊपर की महिलाओं में 1.2% शराब पीती हैं, पिछले साल यह 1.0% था। राजस्थान में 0.3% महिलाएं ही शराब पीती हैं, पिछले चार सालों में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। - महिलाओं में तंबाकू सेवन का स्तर क्या है?
छत्तीसगढ़ में 18.7% महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। मध्यप्रदेश में 47.7% और राजस्थान में 6.9% महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं। - स्वास्थ्य पर इसके क्या असर हैं?
महिलाओं में शराब और तंबाकू से कैंसर, हृदय रोग, श्वसन समस्याएं और प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं।
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