महिलाओं को टिकट देने में कंजूस है बीजेपी, विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में 16 तो एमपी में 11 फीसदी को ही मिली उम्मीदवारी
Raipur. पीएम नरेंद्र मोदी महिलाओं को 33 फीसदी टिकट देने की बात कर रहे हैं। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा भी शुरू होने वाली है। अब तक बीजेपी हो या कांग्रेस महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में टिकट देने में परहेज करती रही है।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में महिलाओं को टिकट देने में बीजेपी कंजूस है। बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस महिलाओं को ज्यादा उम्मीदवारी देती रही है। हालांकि ये हिस्सेदारी बीजेपी से थोड़ी ही ज्यादा है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या क्रमशः 21 फीसदी और 11 फीसदी ही है।
छत्तीसगढ़ में महिला प्रतिनिधित्व :
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं। यदि 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू हुआ तो यहां पर करीब 30 महिला विधायक नजर आएंगी। इसके लिए बीजेपी और कांग्रेस को भी 33 फीसदी महिलाओं को टिकट देना होगा यानी इतनी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
अब आपको वर्तमान की स्थिति दिखाते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव 2023 में छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने 15 महिलाओं यानी 16.5 फीसदी को टिकट दिया। इनमें से 8 महिलाएं जीतकर आईं।
वहीं कांग्रेस ने 18 महिलाएं यानी 20 फीसदी को उम्मीदवार बनाया। इनमें से 11 महिलाएं विधायक बनीं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में दोनों दलों की 19 यानी 21 फीसदी महिलाएं ही विधायक हैं।
छत्तीसगढ़ : कुल महिला विधायक 19
बीजेपी : 8 महिला विधायक
रेणुका सिंह
लक्ष्मी राजवाड़े
शकुंतला सिंह पोर्ते
उद्धेवरी पैकरा
रायमुनि भगत
गोमती साय
भावना बोहरा
लता उसेंदी
कांग्रेस : 11 महिला विधायक
विद्यावति सिदार
उत्तरी गनपत जांगड़े
शेषराज हरवंश
चातुरी नंद
कविता प्राणलहरे
अंबिका मरकाम
संगीता सिन्हा
अनिला भेड़िया
यशोदा निलांबर वर्मा
हर्षिता स्वामी बघेल
सावित्री मनोज मंडावी
छत्तीसगढ़ में कुल लोकसभा सांसद : 11
बीजेपी : 2 महिला सांसद
कमलेश जांगड़े
रुपकुमारी चौधरी
कांग्रेस : 1 महिला सांसद
ज्योत्सना महंत
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा सांसद : 5
बीजेपी : महिला सांसद लक्ष्मी वर्मा
कांग्रेस : महिला सांसद फूलोदेवी नेताम, रंजीत रंजन
यह है मध्यप्रदेश में महिला नेतृत्व :
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। यदि 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू हुआ तो यहां पर करीब 76 महिला विधायक नजर आएंगी। इसके लिए बीजेपी और कांग्रेस को भी 33 फीसदी महिलाओं को टिकट देना होगा यानी इतनी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
अब आपको वर्तमान की स्थिति दिखाते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव 2023 में मध्यप्रदेश में बीजेपी ने 28 महिलाओं यानी 11.7 फीसदी को ही टिकट दिया। इनमें से 21 महिलाएं जीतकर विधायक बनीं।
वहीं कांग्रेस ने 30 महिलाएं यानी 13 फीसदी को उम्मीदवार बनाया। इनमें से 6 महिलाएं विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ पाईं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में दोनों दलों की 27 यानी 11.7 फीसदी महिलाएं ही विधायक हैं।
मध्यप्रदेश : महिला विधायक 27
बीजेपी : महिला विधायक 21
सरला विजेंद्र रावत
प्रियंका पैंची
ललिता यादव
उमा देवी खटीक
प्रतिभा बागरी
रीति पाठक
राधा सिंह
मनीषा सिंह
मीना सिंह
संपत्तिया उइके
गंगा सिंह उइके
कृष्णा गौर
गायत्री राजे पवार
कंचन तनवे
छाया मोरे
मंजू दादू
अर्चना चिटनिस
निर्मला भूरिया
नीना वर्मा
मालिनी गौड़
उषा ठाकुर
कांग्रेस : महिला विधायक 6
निर्मला सप्रे
चंदा सुरेंद्र सिंह गौर
रामसिया भारती
अनुभा मुंजारे
झूमा सोलंकी
सेना पटेल
मध्यप्रदेश में लोकसभा सदस्य - 29
बीजेपी - 6 महिला सांसद
संध्या राय
लता वानखेड़े
हिमाद्री सिंह
भारती पारधी
अनिता चौहान
सावित्री ठाकुर
राज्यसभा में बीजेपी की महिला सांसद :
कविता पाटीदार
सुमित्रा वाल्मीकि
माया नारोलिया
निष्कर्ष
महिला आरक्षण बिल लंबे समय से लटका आ रहा है। एक बार फिर उम्मीद जगी है कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल पाएगा। हालांकि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। जब तक कानून लागू नहीं होगा तब तक महिलाएं को टिकट देने में राजनीतिक दल परहेज करते रहेंगे।
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