महिला आरक्षण पर गरमाई राजनीती, भूपेश बघेल बोले- कौशल्या भाभी को सीएम बना दीजिए
News In Short
- छत्तीसगढ़ में महिला आरक्षण को लेकर सियासत तेज।
- भूपेश बघेल ने भाजपा पर तीखा हमला बोला।
- विष्णुदेव साय ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
- छत्तीसगढ़ में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी।
- लोकसभा में बिल पास नहीं होने पर विवाद बढ़ा।
News In Details
छत्तीसगढ़ में महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कड़े आरोप लगाए हैं। इसी बीच राज्य में विशेष सत्र बुलाने और बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शनों की तैयारी भी शुरू हो गई है।
भूपेश बघेल का भाजपा पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा, आरएसएस और विहिप जैसी संस्थाओं ने कभी महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में मौका नहीं दिया।
बघेल (Bhupesh Baghel) ने यह भी दावा किया कि महिला आरक्षण की शुरुआत की पहल पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय हुई थी, लेकिन उस दौरान भाजपा ने इसका विरोध किया, जिससे यह कानून समय पर पास नहीं हो सका। उन्होंने पंचायत राज व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं को 1995 से राजनीति में बड़े पैमाने पर प्रतिनिधित्व मिला, जिसके बाद लाखों महिलाएं नेतृत्व में आईं।
साय सरकार की विशेष सत्र की तैयारी
महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पारित न हो पाने के मुद्दे पर राज्य सरकार अब एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित जन आक्रोश रैली में कहा कि विपक्ष के रवैये के खिलाफ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।
सरकारी प्रक्रिया के अनुसार, विशेष सत्र के लिए पहले कैबिनेट की मंजूरी ली जाती है और फिर राज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक होती है।
भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि विपक्ष ने “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है। साय ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पंचायतों में 57% महिला आरक्षण और विधानसभा में भी उल्लेखनीय भागीदारी है।
देशभर में विरोध और प्रदर्शन की तैयारी
महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर विवाद के बीच भाजपा ने देशभर में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। छत्तीसगढ़ में भी 20 अप्रैल से विरोध शुरू हो गया है। कार्यक्रम के अनुसार 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित होंगे। 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा।
लोकसभा में बिल पर बड़ा झटका
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पारित नहीं हो सका। मतदान में 298 वोट पक्ष में और 230 वोट विरोध में पड़े, जबकि पारित होने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। बिल में लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने पर वे महिलाओं से माफी मांगते हैं और भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में आगे काम करती रहेगी।
निष्कर्ष
महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। जहां भाजपा इसे विपक्ष की जिम्मेदारी बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की नीयत और नीति से जोड़कर देख रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है।
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