पहली बार भोपाल में होगा आचार्य समयसागर का चातुर्मास, स्वागत के लिए तैयारियां शुरू
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ा धार्मिक उत्सव होने जा रहा है। जैन समाज के बड़े संत आचार्य समयसागर महाराज शहर आ रहे हैं। दिगंबर जैन परंपरा में उनका स्थान बहुत ऊंचा माना जाता है। यह पहली बार है जब वे भोपाल में अपना चातुर्मास करेंगे।
इस खबर से पूरे भोपाल के जैन समाज में बहुत खुशी है। लोग उनके दर्शन के लिए पलकें बिछाए बैठे हैं। आचार्यश्री के साथ उनका पूरा संघ भी भोपाल आ रहा है। इस संघ में कुल 22 मुनिश्री शामिल रहेंगे।
चातुर्मास के आगमन की खास तारीखें
आचार्य समयसागर महाराज समाधिस्थ संत विद्यासागर महाराज के उत्तराधिकारी हैं। वे अपने पूरे संघ के साथ पैदल विहार कर रहे हैं। इसे जैन धर्म में अनियत पदविहार कहा जाता है।
उनके 15 से 18 जुलाई के बीच भोपाल पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद चातुर्मास का मुख्य कार्यक्रम 25 जुलाई से शुरू होगा। इस दौरान शहर में कई धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। सकल दिगंबर जैन समाज दिन-रात तैयारियों में जुटा हुआ है। पंचायत कमेटी ट्रस्ट भी इसमें खास भूमिका निभा रहा है।
एमपी नगर में होगी खास व्यवस्था
इस भव्य चातुर्मास का केंद्र एमपी नगर को बनाया गया है। वहां स्थित श्री आदिनाथ जिनालय में मुख्य आयोजन होंगे। इसके अलावा विद्याोदय तीर्थ समिति भी व्यवस्था संभाल रही है।
प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। हाल ही में कमिश्नर कार्यालय में एक बड़ी बैठक हुई थी। बैठक में पार्किंग, सुरक्षा और यातायात पर चर्चा की गई।
पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास रास्ते बनाए जाएंगे। पीने के पानी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अस्थाई दुकानें हटाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
भव्य पंडाल और भोजनशाला की तैयारी
इस चातुर्मास के लिए कंस्ट्रक्शन का काम बहुत तेजी से चल रहा है। रानी कमलापति स्टेशन के पास एक मुख्य डोम बनाया जा रहा है। यह डोम मेट्रो स्टेशन के ठीक नीचे तैयार होगा।
इसका कुल क्षेत्रफल 18 हजार वर्ग फीट का होने वाला है। इसके अलावा चार हजार वर्ग फीट का प्रवचन पंडाल बनेगा। ध्यान और भक्ति के लिए पांच हजार वर्ग फीट का केंद्र होगा।
श्रद्धालुओं के भोजन के लिए बड़ी भोजनशालाएं बनाई जा रही हैं। सामान्य भोजनशाला पांच से छह हजार वर्ग फीट की होगी। त्यागी-व्रती लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।
साल 2016 जैसी भव्य तैयारियां
भोपाल में इससे पहले साल 2016 में बड़ा आयोजन हुआ था। तब आचार्य विद्यासागर महाराज का चातुर्मास हबीबगंज में हुआ था। उस समय पूरे देश से लाखों लोग भोपाल आए थे।
इस बार भी वैसी ही भव्य तैयारियां की जा रही हैं। पूरे पंडाल परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
रानी कमलापति स्टेशन के पास पीले पत्थरों का मंदिर बन रहा है। यह देश का सबसे ऊंचा दिगंबर जैन मंदिर होगा। इसकी ऊंचाई करीब 153 फीट तय की गई है।
विद्यासागर महाराज की प्रेरणा
इस ऊंचे मंदिर का निर्माण साल 2015 में शुरू हुआ था। इसकी प्रेरणा स्वयं आचार्य विद्यासागर महाराज ने दी थी। अब यह मंदिर देश के प्रमुख जैन तीर्थों में गिना जाएगा।
आचार्य समयसागर महाराज (भोपाल में जैन धर्म का कार्यक्रम) का यहां आना इस जगह को और खास बनाएगा। मुख्य संयोजक राकेश जैन ने बताया कि तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सभी लोग बहुत ही उत्साह के साथ काम कर रहे हैं।
यह चातुर्मास भोपाल के लोगों के लिए आत्मिक शांति का जरिया बनेगा। चार महीने तक शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहने वाला है। हर कोई इस पावन पल का गवाह बनना चाहता है।
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