न नौकरी की चिंता, न बिजनेस का झंझट, प्रिंटर से छापने लगे 500 के नकली नोट

Anjali Dwivedi | Jul 03, 2026, 15:45 IST
स्कैनर और प्रिंटर से बना डाले 500 के फर्जी नोट
आगर मालवा में दो युवकों ने यूट्यूब से सीखकर नकली नोट छापे। कृषि सेवा केंद्र की आड़ में यह काम होता था। पुलिस ने 57 हजार 500 रुपए के नकली नोट बरामद किए।

समझें क्या है पूरा मामला

  • आगर मालवा में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले दो युवकों को पकड़ा है।
  • दोनों ने यूट्यूब देखकर यह तरीका सीखा था।
  • वे असली नोट स्कैन करके कलर प्रिंटर से कॉपी निकालते थे।
  • कृषि सेवा केंद्र की आड़ में यह काम चल रहा था।
  • पुलिस ने 57 हजार 500 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं।

मध्य प्रदेश के आगर मालवा में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो युवकों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर 500 रुपए के नकली नोट बनाना सीखा। वे कृषि सेवा केंद्र की आड़ में यह पूरा काम कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 57 हजार 500 रुपए के नकली नोट भी बरामद हुए हैं।



यह पूरा मामला आगर मालवा जिले के नलखेड़ा कस्बे का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। बस स्टैंड स्थित एक कृषि सेवा केंद्र में नकली नोट तैयार हो रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छापा मारा।



दुकान से मिले नकली नोट

छापे के दौरान पुलिस ने नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी को हिरासत में लिया है। तलाशी में एक बैग से 500-500 रुपए के 115 नकली नोट मिले। यह देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।



पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर यह तरकीब सीखी थी। इसके बाद वे असली 500 रुपए के नोट को स्कैन करते थे। फिर रंगीन प्रिंटर से उसकी कॉपी निकालते थे। आखिर में कटर से काटकर उसे असली नोट जैसा आकार दे देते थे।



एक जैसा सीरियल नंबर बना वजह

पुलिस जांच में एक अहम बात सामने आई। कई नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर मिला। यही गलती जांच में आरोपियों के खिलाफ सबूत बनी। असली नोटों में हर नोट का सीरियल नंबर अलग होता है, लेकिन यहां कॉपी के चलते यह गलती हो गई।



पुलिस ने आरोपियों के पास से कई चीजें जब्त कीं। इनमें रंगीन प्रिंटर, कटर और स्कैनिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान शामिल है। इसके अलावा 57 हजार 500 रुपए के नकली नोट भी बरामद हुए। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि आरोपी खुद ही यह नोट तैयार करते थे।



अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये नकली नोट अब तक कहां-कहां खपाए गए। किन इलाकों में इनका इस्तेमाल हुआ, इसकी भी जांच हो रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इस रैकेट में कोई और भी शामिल है।



पुलिस ने दर्ज किया मामला

दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। थाना प्रभारी नागेश यादव का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इस रैकेट (नकली नोटों की छपाई) से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।



यह घटना दिखाती है कि नकली नोट बनाने के लिए अब बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं रह गई है। सिर्फ एक प्रिंटर, स्कैनर और यूट्यूब वीडियो से ही यह अपराध हो सकता है। ऐसे मामलों में आम लोगों को भी नोट लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए।



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