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News In Short
दंतेवाड़ा में 500 के नकली नोटों की आवाजाही, व्यापारी परेशान हैं।
हाट-बाजारों और छोटी दुकानों पर नकली नोट चल रहे हैं।
नकली नोट में असली नोट का फर्क समझना मुश्किल हो रहा है।
सैंडविच नोट, कलर प्रिंटर से तैयार किए जा रहे हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, नकली नोटों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश।
News In Detail
Dantewada. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 500 रुपए के नकली नोटों की आवाजाही ने व्यापारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाट-बाजारों से लेकर छोटी दुकानों तक ये नोट आसानी से चल रहे हैं।
व्यापारी व ग्राहक दोनों इनसे धोखा खा रहे हैं। असलियत का खुलासा तब हो रहा है, जब व्यापारी इन्हें बैंक में जमा करने पहुंच रहे हैं और काउंटिंग मशीन इन्हें रिजेक्ट कर दे रही है।
असली नोट पहचानना मुश्किल
व्यापारियों का कहना है कि नकली और असली नोट में फर्क समझ पाना अब बेहद मुश्किल हो गया है। पहली नजर में ये नोट बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इन्हें पहचानने के लिए पुराने तरीके अब काम नहीं कर रहे हैं। कुछ लोगों का तो दावा है कि ये नोट कलर प्रिंटर से तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें सैंडविच नोट कहा जा रहा है।
कैसे बनते हैं ये नकली नोट
नकली नोटों को सैंडविच नोट कहा जा रहा है, वो कलर प्रिंटर से तैयार किए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, प्रिंटर से नोट की दो परतें निकाली जाती हैं, और बीच में साधारण कागज रखकर दोनों हिस्सों को चिपका दिया जाता है। ऊपर से देखने और छूने में ये नोट सामान्य लगते हैं, जिससे दुकानदार धोखा खा जाते हैं।
असली नोटों की पहचान कैसे करें
500 रुपये के असली नोट की पहचान आरबीआई द्वारा दिए गए सुरक्षा फीचर्स से आसानी से की जा सकती है। ये फीचर्स नकली नोट को तुरंत पकड़ने में मदद करते हैं।
मुख्य सुरक्षा फीचर्स:
वॉटरमार्क: नोट को रोशनी में रखें तो महात्मा गांधी की तस्वीर और '500' का अंक साफ दिखता है। नकली नोट में यह धुंधला या नहीं होता।
सिक्योरिटी थ्रेड: नोट के बीच में चमकदार पट्टी होती है, जिसमें 'भारत' और 'RBI' लिखा होता है। इसे हल्का मोड़ने पर रंग हरा से नीला बदलता है।
कलर शिफ्टिंग इंक: दाहिने नीचे '500' वाला हिस्सा झुकाने पर हरा रंग नीले में बदलता है।
अन्य पहचान तरीके:
माइक्रोटेक्स्ट: गांधीजी की तस्वीर के पास लेंस से 'RBI' और '500' के छोटे अक्षर दिखते हैं।
इंटैग्लियो प्रिंटिंग: अशोक स्तंभ, RBI का लोगो और गांधीजी की तस्वीर उभरी हुई महसूस होती है।
सीरियल नंबर: बाएं ऊपर से दाएं नीचे बढ़ते आकार में होते हैं।
45 डिग्री एंगल से देखें: नोट को 45 डिग्री एंगल से देखने पर '500' उभरता दिखता है।
अगर संदेह हो तो नोट को बैंक में जमा कर दें।
RBI का MANI ऐप
आरबीआई ने मोबाइल यूजर्स के लिए एक खास MANI (Mobile Aided Note Identifier) ऐप बनाया है। यह ऐप Android और iOS दोनों पर फ्री में उपलब्ध है। बस अपने फोन में इस फेक नोट डिटेक्टर ऐप ओपन करें. फोन का कैमरा ऑन करें और 500 रुपए के नोट को स्कैन करें। यह ऐप तुरंत बताएगा कि नोट असली है या नकली। खास बात ये है कि यह ऐप ऑफलाइन भी काम करता है, और थोड़ा फटा या पुराना नोट भी पहचान सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा हो रहा कारोबार
सबसे ज्यादा ये नकली नोट ग्रामीण हाट-बाजारों में खपाए जा रहे हैं, जहां जांच की कोई व्यवस्था नहीं होती। छोटे व्यापारी और सब्जी विक्रेता इन नकली नोटों को पहचान नहीं पा रहे और इस कारण सीधे नुकसान का सामना कर रहे हैं। इन बाजारों में चेकिंग की व्यवस्था की कमी और ग्राहकों का उतावला पन भी इसमें योगदान दे रहा है।
पुलिस कर रही है जांच
दंतेवाड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह पता लगाया जा रहा है कि नकली नोट कहां से आ रहे हैं और इनकी आपूर्ति का स्रोत क्या है।
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