असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2022: चयनित अभ्यर्थियों ने सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री से की ये मांग
BHOPAL. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के चयनित अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। 23 सितंबर 2025, मंगलवार को इन अभ्यर्थियों ने भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के निवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा।
इसके अलावा इन चयनित अभ्यर्थियों ने मध्यप्रदेश केसीएम डॉ. मोहन यादव और वल्लभ भवन के नाम भी ज्ञापन सौंपा। इन अभ्यर्थियों ने अपनी कई मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की अपील की। उनकी मांगों में नियुक्ति आदेश जारी करने में हो रही देरी और पारदर्शिता की कमी के बारे में बात कही गई है।
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ज्ञापन सौंपने वाले अभ्यर्थियों की ये थीं प्रमुख मांगेंडॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा कर चुके अभ्यर्थियों की नियुक्ति: जिन विषयों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, उनके अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति आदेश जारी किया जाए। वेरिफिकेशन प्रोसेस में गति लाएं: जिन विषयों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, उनका शीघ्र वेरिफिकेशन करके नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। पारदर्शिता और क्रमबद्ध प्रक्रिया हो: नियुक्ति और सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ और क्रमबद्ध रूप से पूरी की जाए। समयसीमा में हो नियुक्ति प्रक्रिया: नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए विभाग को समयसीमा और विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएं। |
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चयनित अभ्यर्थियों की यह है स्थिति
चयनित अभ्यर्थियों ने ज्ञापन में बताया है किः
1669 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन अब तक केवल 31 नियुक्तियां ही हुई हैं।
500 से अधिक अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, लेकिन नियुक्ति आदेश अब भी लंबित हैं।
357 अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित हो चुका है, लेकिन उनके वेरिफिकेशन की प्रक्रिया नहीं हुई है।
5 विषयों के परिणाम अब तक घोषित नहीं हुए हैं, जबकि भर्ती विज्ञापन को ढाई साल से अधिक समय हो चुका है।
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बताया गंभीर अपराध
असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2022 केचयनित अभ्यर्थियों ने इस स्थिति को गंभीर अन्याय बताया। उनका कहना था कि इस देरी के कारण न केवल चयनित अभ्यर्थियों को कठिनाइयां हो रही हैं, बल्कि प्रदेश के महाविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
मंत्री के सहायक ने कही ये बात
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के विशेष सहायक ने अभ्यर्थियों की समस्त मांगों और बिंदुओं को ध्यान से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन विषयों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, उनके अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। वेरिफिकेशन लंबित विषयों को शीघ्र निपटाया जाएगा। इसके साथ ही तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और नियुक्ति प्रक्रिया में गति लाई जाएगी।
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निष्कर्ष
चयनित अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार शीघ्र ठोस कदम उठाएगी और नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से पूरा करेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार द्वारा सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं, तो न केवल अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी सामान्य रूप से कार्य कर पाएगी।
FAQ
- सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के चयनित अभ्यर्थियों ने किसे ज्ञापन सौंपा?
सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के चयनित अभ्यर्थियों ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री और वल्लभ भवन में भी ज्ञापन भेजा। - सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
चयनित अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें ये हैं - जिन अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन हो चुका है, उन्हें जल्द नियुक्ति आदेश मिले। परिणाम घोषित होने के बाद वेरिफिकेशन प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। नियुक्ति और सत्यापन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो।