पड़ोसी की गलती का खामियाजा भुगत रहा दिव्यांग परिवार, 100 पेशी और 20 पंचनामा, फिर भी न्याय दूर

Sanjay Sharma | Feb 12, 2026, 15:41 IST
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बालाघाट के लांजी में एक दिव्यांग युवक ईश्वर बरगैया अपने क्षतिग्रस्त मकान के लिए न्याय की भीख मांग रहा है। 100 पेशी और 20 पंचनामों के बावजूद प्रशासन मौन है।

BHOPAL. हर व्यक्ति तक पहुंचने का सरकारी दावा बालाघाट में लाचार परिवार की बदहाली के सामने फीका पड़ रहा है। पड़ोसी की लापरवाही से क्षतिग्रस्त मकान की शिकायत लेकर लांजी का दिव्यांग युवक परिजनों सहित 100 से ज्यादा चक्कर काट चुका है।



एसडीएम- तहसीलदार उसकी शिकायत पर 20 से ज्यादा पंचनामा बनवा चुके हैं। वहीं, ये कार्रवाई दिखावे भर की रही है। राजस्व न्यायालय से लगा स्टे भी अब हटा दिया गया है।



दिव्यांग और उसका परिवार महीनों से भटकते हुए न्याय की गुहार लगा रहा है। वहीं मजबूरों के साथ खड़ा होने का दावा करने वाली सरकार के अफसर उसका मजाक उड़ा रहे हैं।



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यह है मामला

लांजी तहसील के दुलापुर में दिव्यांग ईश्वर बरगैया अपनी मां उर्वशी बरगैया के साथ रहते हैं। ईश्वर ने पॉलिटेक्निक डिप्लोमा लिया है। दिव्यांग होने की वजह से फिलहाल बेरोजगार है। उनके परिवार में आजीविका का कोई सहारा नहीं है।



कुछ महीने पहले पड़ोस में रहने वाले सुखदेव बरगैया का मकान बनते समय ईश्वर का घर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसी बीच बारिश का पानी घर में भरने से सामान भी खराब हो गया था।



ईश्वर के परिवार ने सुखदेव की लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शिकायत की लेकिन कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार से उन्हें कोई मदद नहीं मिली।



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भटका रहे अफसर

दिव्यांग के परिवार ने प्रशासन के सामने कई बार गुहार लगाई। एसडीएम और तहसील कार्यालय से उन्हें 100 से ज्यादा बार पेशी पर बुलाकर परेशान किया गया। पटवारी और आरआई ने मौके पर जाकर 20 से ज्यादा बार पंचनामे तैयार किए।



इन पंचनामों में परिवार को हुए नुकसान की पुष्टि भी हुई फिर भी अफसरों का दिल नहीं पसीजा। आपदाग्रस्त परिवार के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रशासनिक स्तर से भी मदद नहीं की गई।



अभियान भी बेअसर

लांजी के दिव्यांग ईश्वर और उर्वशी के परिवार के समर्थन में पूर्व विधायक किशोर समरीते आए हैं। समरीते का कहना है सरकार पीड़ितों के प्रति संवेदनशील होने का दावा करती है, जबकि हकीकत इसके विपरीत है।



दिव्यांग ईश्वर बरगैंया का परिवार महीनों से भटक रहा है। राजस्व अभियान एवं संकल्प से समाधान जैसे अभियानों में भी ईश्वर ने गुहार लगाई लेकिन उसे मदद नहीं मिली। पड़ोसी की लापरवाही से मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी होने और पंचनामा कार्रवाई में पुष्टि पर भी अधिकारी अनदेखा करते रहे हैं।



कलेक्टर मृणाल मीणा को इस परिवार की मदद और दिव्यांग ईश्वर बरगैया को आजीविका का साधन मुहैया कराने आगे आना चाहिए।



संवेदनाशून्य प्रशासन

एसडीएम लांजी कमलचंद सिंहसार का कहना है पीड़ित परिवार की शिकायत सुनी गई है। पंचनामा के आधार पर निर्माण भी बंद कराया गया था, लेकिन निजी भूमि पर निर्माण लंबे समय तक नहीं रोक सकते।



व्यक्तिगत नुकसान की भरपाई के लिए परिवार को सिविल सूट फाइल करने की सलाह दी है। उन्हें किसी तरह परेशान नहीं किया गया।



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