सीएम हेल्पलाइन की वीडियो मीटिंग में हंसी पड़ी भारी, बालाघाट SP ने ASI को किया सस्पेंड

Anjali Dwivedi | Apr 18, 2026, 15:47 IST
balaghat police asi suspended discipline
बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हंसना एएसआई रामकिशोर रहांगडाले को भारी पड़ा। एसपी आदित्य मिश्रा ने इसे घोर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

Balaghat News. पुलिस महकमे में अनुशासन सबसे सर्वोपरि माना जाता है, और इसकी अनदेखी करना कभी-कभी करियर पर भारी पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से सामने आया है, जहां एक पुलिस अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हंसना इतना महंगा पड़ा कि उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।



क्या है पूरा मामला?

यह घटना 17 अप्रैल 2026 की है। बालाघाट पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, कल सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में लंबित शिकायतों की समीक्षा के लिए एक जरूरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया गया था। इस बैठक में सीनियर ऑफिसर जिले की कानून व्यवस्था और जनता की शिकायतों के निराकरण की स्थिति का जायजा ले रहे थे।



समीक्षा के दौरान, जब थाना कोतवाली से उप निरीक्षक संजय किरार से लंबित शिकायतों के बारे में पूछताछ की जा रही थी, तभी उनके वीडियो में कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामकिशोर रहांगडाले हंसते हुए दिखाई दिए।



Suspention order

संतोषजनक जवाब न मिलने पर हुई कार्रवाई

आदेश में कहा गया कि विभागीय चर्चा के दौरान एएसआई का इस तरह हंसना न केवल अजीब था, बल्कि जब उनसे हंसने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी कोतवाली से भी इस संबंध में चर्चा की गई।



थाना प्रभारी ने भी स्पष्ट किया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे औपचारिक मंच पर बिना कारण हंसना पूरी तरह से गलत है, जो सीधे तौर पर अनुशासनहीनता को दर्शाता है। एक लोक सेवक से यह अपेक्षा की जाती है कि वह आधिकारिक बैठकों में गरिमा बनाए रखे।



तत्काल प्रभाव से निलंबन किया गया

मामले की समीक्षा के बाद, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा (आईपीएस आदित्य मिश्रा) ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामकिशोर रहांगडाले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र (Reserve Center), बालाघाट संबद्ध कर दिया है।



  • निलंबित अधिकारी को रक्षित केंद्र की प्रत्येक गणना (Roll call) में उपस्थित होना जरूरी होगा।
  • इसकी सुनिश्चितता रक्षित निरीक्षक (Security Inspector) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
  • वह सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
  • निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) मिलता रहेगा।

प्राथमिक जांच के आदेश

एसपी ने केवल निलंबन पर ही बात खत्म नहीं की है, बल्कि इस प्रकरण की प्राथमिक जांच के लिए उप पुलिस अधीक्षक (DSP), महिला सुरक्षा, बालाघाट को निर्देशित किया है। उन्हें एक दिन के भीतर संबंधित दस्तावेजों के साथ अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।



यह कार्रवाई जिले के अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा मैसेज है। ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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