बरगी डैम हादसा: CM ने तय किए जांच के बिंदु, पर्यटकों की जान बचाने वालों को 51-51 हजार देगी सरकार
News In Short
- CM यादव ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
- जान बचाने वाले श्रमिकों को 51-51 हजार मिलेंगे।
- पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख की सहायता मिलेगी।
- जांच के तीन बिंदु CM ने खुद तय किए हैं।
- CM ने पीड़ित परिवारों के घर जाकर सांत्वना दी।
News In Detail
बरगी डैम हादसा:मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम क्रूज हादसे (Bargi Dam Cruise Accident) के बाद सीएम मोहन यादव ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। साथ ही जान बचाने वाले हर श्रमिक को 51-51 हजार रुपए देने की घोषणा की। पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता (Financial Aid Victims) देने का भी ऐलान किया।
बरगी डैम में कैसे हुआ हादसा?
गुरुवार शाम करीब 5 बजे जबलपुर के बरगी जलाशय (Bargi Reservoir Jabalpur) में पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक डूब गया। उस समय हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी।
यह हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। क्रूज पर उस वक्त लगभग 43 से 47 पर्यटक सवार थे। हैरानी की बात यह है कि टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। तेज आंधी ने क्रूज को पूरी तरह अनियंत्रित कर दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में क्या हुआ?
SDRF की टीम ने तुरंत बचाव अभियान (Rescue Operation Bargi Dam) शुरू किया। जल जीवन मिशन के आठ से अधिक कर्मियों ने भी बचाव में हिस्सा लिया। NDRF, SDRF और सेना के कुशल गोताखोरों ने मिलकर काम किया। 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। 9 शव बरामद हो चुके हैं और रेस्क्यू अभियान जारी है। तीन बच्चों सहित 4 लोग अभी भी लापता हैं।
दोषियों पर हुई सख्त कार्रवाई
जबलपुर बरगी जलाशय क्रूज हादसे (Jabalpur Cruise Accident) में लापरवाही के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।
होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच संस्थित की गई है।
CM ने तय किए जांच के तीन बिंदु
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बरगी हादसे की उच्च स्तरीय जांच (High Level Inquiry Bargi Accident) के निर्देश दिए हैं। सचिव होमगार्ड नागरिक सुरक्षा और संभागायुक्त जबलपुर इस जांच का नेतृत्व करेंगे।
- पहला बिंदु है दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाना।
- दूसरा बिंदु है तत्कालीन परिस्थितियों का विश्लेषण करना।
- तीसरा बिंदु है क्रूज संचालन से जुड़े सभी नियमों और खामियों की जांच करना।
इस जांच के आधार पर भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक SOP तैयार की जाएगी।
जान बचाने वालों को 51 हजार का इनाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे (MP Tourism Boat Accident) में पर्यटकों की जान बचाने वाले प्रत्येक श्रमिक को 51-51 हजार रुपए देने की घोषणा की है। यह राशि उन सभी बहादुर लोगों को दी जाएगी जिन्होंने जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाया। CM ने राहत कार्य में लगी सेना, NDRF, SDRF, जल निगम और विद्युत विभाग के कर्मियों की सराहना की।
CM पहुंचे पीड़ितों के घर, 4 लाख देने की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि पीड़ितों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मुआवजा (Victim Compensation MP) दी जाएगी। CM ने जबलपुर पहुंचकर क्रूज हादसे में पीड़ित तीन परिवारों के घर जाकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ है। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
पायलट बोले- मौका ही नहीं मिला
क्रूज पायलट महेश पटेल को 10 साल का अनुभव है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम पूरे थे। अचानक आए तूफान ने क्रूज को अनियंत्रित कर दिया। किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। इस हादसे ने MP पर्यटन विभाग (MP Tourism Department) की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मां का बलिदान, दिल को छू गई कहानी
इस पूरे हादसे में सबसे दर्दनाक कहानी मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की है। मां ने अपनी लाइफ जैकेट के भीतर बेटे को समेट लिया था। दोनों के शव एक-दूसरे की बाहों में जकड़े मिले। यह परिवार दिल्ली से घूमने जबलपुर आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह जान बचाने में सफल रहे। जबलपुर क्रूज हादसा
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