बड़वानी में सीएम का एक्शन, डिप्टी कलेक्टर समेत सात अफसर-कर्मचारी सस्पेंड

Pawan Modiya | Aug 14, 2026, 22:32 IST
सात अधिकारी सस्पेंड
बड़वानी दौरे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सात अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए। कार्रवाई किसान निधि, आवास और संबल योजना की शिकायतों पर हुई। मुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण इकाई और नर्मदा घाट विकास की घोषणा भी की।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • मुख्यमंत्री ने बड़वानी में लंबित जन शिकायतों की समीक्षा की।
    • लापरवाही मिलने पर सात अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए।
    • किसान निधि, आवास और संबल योजना की शिकायतें शामिल थीं।
    • एक वरिष्ठ अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ।
    • मुख्यमंत्री ने जिले के विकास से जुड़ी कई घोषणाएं भी कीं।

    शिकायतों पर सीधी कार्रवाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को बड़वानी जिले पहुंचे। उन्होंने लंबित शिकायतों और सरकारी योजनाओं की प्रगति जांची। समीक्षा के दौरान सात अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इन अधिकारियों पर शिकायतों के समाधान में लापरवाही का आरोप है।



    शिकायतें तीन महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से जुड़ी थीं। इनमें किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल हैं। संबल योजना की सहायता राशि में देरी भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले की अलग-अलग जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। लापरवाही करने वालों को किसी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।



    किसान निधि में लापरवाही

    पहला मामला प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ा था। शिकायत का समाधान तय समय में नहीं किया गया। जांच में कथित लापरवाही और अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।



    तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार के निलंबन के निर्देश दिए गए। वह अभी धार जिले में डिप्टी कलेक्टर पदस्थ हैं। पटवारी मांगीलाल नरगावे पर भी कार्रवाई की गई। पटवारी ललित बोरसे को भी निलंबित करने के निर्देश मिले।



    यह शिकायत समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में सामने आई थी। मुख्यमंत्री ने शिकायत की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने आवेदन मिलने और उसके समाधान की स्थिति जांची। संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी भी अधिकारियों से मांगी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की शिकायतें गंभीरता से सुनी जाएं। पात्र किसान को योजना से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।



    आवास योजना में कार्रवाई

    दूसरा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित था। शिकायत राजपुर ब्लॉक की नगर परिषद से जुड़ी थी। योजना के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री के सामने शिकायत पहुंची। समीक्षा में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका जांची गई।



    तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी पर कार्रवाई हुई। अधिकारी जगदीश धांगड़ को भी निलंबित करने के निर्देश मिले। सहायक यंत्री राजू डाबर भी कार्रवाई के दायरे में आए। इस मामले में कुल तीन अधिकारियों को निलंबन का सामना करना पड़ा।



    संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एसके सिन्हा से भी जवाब मांगा गया। वह इंदौर में पदस्थ बताए गए हैं। उनको कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश मिले। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। मुख्यमंत्री ने आवास योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने पात्र परिवारों को समय पर लाभ देने को कहा।



    संबल भुगतान पर एक्शन

    तीसरा मामला पानसेमल ब्लॉक से जुड़ा था। यहां संबल योजना की सहायता राशि में देरी हुई। शिकायत अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता भुगतान से संबंधित थी। जरूरतमंद परिवार को समय पर सहायता नहीं मिली।



    इस मामले में सौरभ सिंह राठौड़ पर कार्रवाई हुई। वह पानसेमल जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी थे। राठौड़ अभी मुरैना जिले में पदस्थ बताए गए हैं। वह जनजातीय कार्य विभाग में जिला संयोजक हैं।



    मुख्यमंत्री ने उनके निलंबन के निर्देश जारी किए। उन्होंने सहायता भुगतान में देरी को गंभीर माना। अंत्येष्टि सहायता संकट के समय परिवार को राहत देती है। ऐसी राशि में देरी से परिवार की परेशानी बढ़ती है।



    मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को जवाबदेही का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता की सेवा के लिए है।उनके अनुसार अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।



    मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत तालून भी पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी में सामान्य कार्यकर्ता आगे बढ़ सकता है। सामान्य परिवार का व्यक्ति शीर्ष पद तक पहुंच सकता है।



    मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपना नियमित कार्यक्रम भी बदला। शुक्रवार को आमतौर पर उनका नो मीटिंग डे रहता है। इस बार उन्होंने लोगों से सीधे मिलने का फैसला किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से योजनाओं की जानकारी ली।



    रामराज्य पर बोले मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रामराज्य का अर्थ भी बताया। उन्होंने इसे सभी वर्गों की समृद्धि से जोड़ा। उनके अनुसार सुविधाओं तक प्रत्येक व्यक्ति की पहुंच होनी चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ समान तरीके से मिलना चाहिए।



    मुख्यमंत्री ने प्रशासन को संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालय नहीं बुलाया जाना चाहिए। शिकायतों का समाधान समय सीमा में किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों को समाधान की जानकारी भी देनी चाहिए।



    खाद्य प्रसंस्करण की घोषणा

    मुख्यमंत्री ने बड़वानी के किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़वानी में कई प्रकार की फसलें होती हैं। किसान फल और दूसरी कृषि उपज भी पैदा करते हैं। प्रसंस्करण सुविधा से उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। किसानों को स्थानीय स्तर पर नया बाजार भी मिलेगा।



    मुख्यमंत्री ने कपास की खेती बढ़ाने की बात कही। कपास के प्रसंस्करण को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2026 के किसान कल्याण वर्ष का उल्लेख किया। सरकार कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर काम करेगी। स्थानीय प्रसंस्करण से परिवहन खर्च कम हो सकता है। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।



    बड़वानी में सीएम


    बोरलाय में मैथ्स पार्क का उद्धाटन

    मुख्यमंत्री बोरलाय के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंचे। यहां उन्होंने मैथ्स पार्क का उद्घाटन किया। इस पार्क का निर्माण 6.27 लाख रुपए में हुआ। इसमें गणित समझाने वाले 19 मॉडल लगाए गए हैं। मॉडल बीजगणित और अंकगणित से संबंधित हैं। त्रिकोणमिति समझाने के लिए भी मॉडल तैयार किए गए हैं।



    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से इन मॉडलों की जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉडल गणित को आसान बनाते हैं। इससे बच्चों में विषय के प्रति रुचि बढ़ सकती है।व्यावहारिक मॉडल कठिन सवालों को समझने में मदद करते हैं। विद्यार्थियों को देखकर सीखने का अवसर भी मिलता है।



    विकास की नई घोषणाएं

    मुख्यमंत्री ने बड़वानी कलेक्टोरेट में अलग-अलग समूहों से संवाद किया। इनमें किसान, उद्यमी और विद्यार्थी शामिल थे। उन्होंने जिले की प्रतिभाओं से भी मुलाकात की। समाधान कार्यक्रम की लंबित शिकायतों की समीक्षा भी हुई।



    मुख्यमंत्री ने राजघाट के नर्मदा घाट के लिए घोषणा की। घाट के विकास पर 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सेंधवा किले और राजवाड़े के संरक्षण की बात भी कही गई। इन ऐतिहासिक स्थलों को सुरक्षित रखने की योजना बनेगी।



    भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षाओं की व्यवस्था होगी। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सकेगी। पानसेमल में आदर्श मंडी स्थापित करने की घोषणा हुई। स्थानीय महाविद्यालय में नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। जिले में नया खेल परिसर विकसित करने की बात भी कही गई। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।



    जरूरी FAQ

    बड़वानी में कितने अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए गए?



    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सात अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए। मामले किसान निधि, आवास और संबल योजना से जुड़े हैं। छह अधिकारी किसान निधि और आवास मामलों से जुड़े हैं। एक अधिकारी संबल सहायता भुगतान में देरी से जुड़ा है।



    किन योजनाओं की शिकायतों पर कार्रवाई हुई?



    कार्रवाई तीन सरकारी योजनाओं की शिकायतों पर हुई। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल हैं। संबल योजना की अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता भी शामिल है। शिकायतों के समाधान में कथित लापरवाही सामने आई थी।



    मुख्यमंत्री ने बड़वानी के लिए क्या घोषणाएं कीं?



    मुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की घोषणा की। राजघाट नर्मदा घाट के लिए 25 करोड़ रुपए घोषित हुए। पानसेमल में आदर्श मंडी बनाने की बात कही गई। खेल परिसर और नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी घोषित किए गए।



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