ई-रिक्शा चालक परेशान, ब्लूटूथ से बैटरी लॉक कर ठगी कर रहा गैंग

Amresh Kushwaha | Jul 02, 2026, 14:15 IST
ई-रिक्शा चालक की मुसीबत चीनी ऐप
उज्जैन और भोपाल में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी सामने आई है। BAT BMS ऐप से ब्लूटूथ के जरिए बैटरी लॉक कर आरोपी मैकेनिक बनकर 300 रुपए वसूलते थे। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी हुई।
  • ऐप से बैटरी लॉक कर आरोपी मैकेनिक बनकर पैसे मांगता था।
  • पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया।
  • भोपाल में भी कई ई-रिक्शा अचानक बंद होने की शिकायतें आईं।
  • पुलिस अब पूरे नेटवर्क और तकनीकी खामियों की जांच कर रही है।

उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों के साथ एक अनोखी साइबर ठगी सामने आई है। आरोपी मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से लॉक कर देता था। इसके बाद खुद को मैकेनिक बताकर वाहन ठीक करने के नाम पर पैसे वसूलता था। यह रकम 200 से 300 रुपए तक होती थी। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पकड़ लिया है।



कैसे पकड़ में आया आरोपी

लगातार एक जैसी घटनाएं होने पर ई-रिक्शा एसोसिएशन को शक हुआ। एसोसिएशन ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने सभी चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत देने को कहा गया।



बुधवार, 01 जुलाई की शाम उज्जैन के लोटी स्कूल तिराहे पर एक ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया। थोड़ी देर बाद एक युवक वहां पहुंचा। उसने खुद को मैकेनिक बताते हुए 300 रुपए मांगे। वहीं, इस बार चालक पहले से सतर्क था। उसने युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।



BAT BMS ऐप से करता था खेल

पूछताछ में आरोपी की पहचान रीतेश भानूपा के नाम से हुई। उसकी उम्र 18 साल बताई गई है। वह ग्राम नवली का रहने वाला है, जो भैरूगढ़ थाना क्षेत्र में आता है। जांच में पता चला कि वह BAT BMS मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करता था।



इस ऐप से वह ब्लूटूथ के जरिए आसपास खड़े ई-रिक्शा के BMS (Battery Management System) तक पहुंच बना लेता था। इसके बाद वाहन को लॉक कर देता। फिर पैसे लेकर उसे दोबारा चालू कर देता था।



घर के बाहर खड़ी गाड़ी भी हुई हैक

ई-रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि उनकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी थी। वह भी अचानक हैक हो गई थी। गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन वह चली नहीं। इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को बुलाया। दोस्त ने सिस्टम चेक करके गाड़ी दोबारा चालू की। मुकेश का कहना है कि ऐसी घटनाओं से उन्हें रोज परेशानी हो रही है।



एक दिन में 15 गाड़ियां कीं ठीक

चालक रिंकू ने भी अपना अनुभव बताया। बुधवार को दो तालाबों के पास उनकी गाड़ी अचानक बंद हो गई थी। उन्होंने कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने उन्हें एक अलग ऐप भेजा। उसी ऐप की मदद से उन्होंने अपनी गाड़ी दोबारा चालू की। इसके बाद रास्ते में एक और चालक की गाड़ी बंद मिली। रिंकू ने उसे भी उसी तरीके से चालू कर दिया। उनका कहना है कि पिछले 24 घंटे में वह इस तरह 10 से 15 गाड़ियां ठीक कर चुके हैं।



भोपाल में भी मिलीं शिकायतें

भोपाल के पुराने शहर में भी बुधवार रात कई ई-रिक्शा अचानक बंद हो गए। यहां भी बैटरी ऐप के जरिए लॉक हुई थी। बीच रास्ते में वाहन बंद होने से चालकों और यात्रियों दोनों को परेशानी हुई। कई जगहों पर इसे लेकर विवाद की स्थिति भी बनी। शहर में करीब पांच हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चलते हैं। इनमें से कई महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी इस्तेमाल करते हैं।



कंपनी पर वसूली का आरोप

भोपाल के चालकों ने कंपनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बैटरी लॉक होने के बाद गाड़ी खुद से चालू नहीं हो रही थी। इसे अनलॉक कराने के लिए कंपनी के दफ्तर जाना पड़ता था। वहां भी पैसे वसूले गए। चालक मोहम्मद अख्तर ने बताया कि उनका रिक्शा एक दिन में चार बार बंद हुआ। वह स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का काम करते हैं। इस वजह से उनका पूरा काम प्रभावित हुआ। उनका आरोप है कि जिन्सी चौराहे स्थित कंपनी के दफ्तर में अनलॉक कराने के लिए उनसे 400 रुपए लिए गए।



चालकों में नाराजगी, मांगी जांच

चालकों का कहना है कि ऐप के जरिए बैटरी लॉक होने से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। बीच रास्ते में गाड़ी बंद होने से यात्रियों को भी दिक्कत होती है। घटना के बाद पुराने भोपाल में चालकों में काफी नाराजगी देखी गई। कुछ जगहों पर विवाद की स्थिति भी बनी। चालकों ने मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी हो या जानबूझकर की गई हरकत, दोनों ही स्थिति में तुरंत सुधार होना चाहिए।



ऐप कैसे करता है काम

पुलिस के अनुसार BAT BMS ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। ब्लूटूथ ऑन करने पर यह ऐप आसपास मौजूद ई-रिक्शा के BMS को खोज लेता है। यदि सिस्टम पासवर्ड से सुरक्षित नहीं है, तो कुछ नियंत्रण विकल्प मिल सकते हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि किन मॉडलों में यह तकनीकी खामी है। साथ ही आरोपी ने इसका दुरुपयोग किस तरीके से किया, इसकी भी पड़ताल हो रही है।



पासवर्ड सेट कर बच सकते हैं चालक

कुछ चालकों के मुताबिक BAT BMS के अलावा xiaoxiang जैसे अन्य ऐप से भी दिक्कत आ रही है। पुलिस ने बताया कि कई कंपनियां अब ब्लूटूथ के लिए पासवर्ड सुविधा दे रही हैं। चालक अपनी कंपनी से संपर्क कर बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड सेट करा सकते हैं। इससे इस तरह की हैकिंग से बचा जा सकता है।



पुलिस का बयान

ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर इंद्रपाल राजपूत ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। नीलगंगा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साइबर ठगी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने कितने चालकों को इस तरीके से निशाना बनाया है।



देश भर से आ रही ई-रिक्शा की समस्या

यह मामला देश के अलग-अलग राज्यों से भी सामने आ ही है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की है कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी हलचल है।



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