ई साक्ष्य जुटाने में पिछड़ी मध्यप्रदेश पुलिस, भोपाल-इंदौर भी जांच में फिसड्डी
Aman Vaishnav | Jun 30, 2026, 12:21 IST
ई साक्ष्य जुटाने में पिछड़ी मध्यप्रदेश पुलिस
नए आपराधिक कानूनों (BNS) के पालन में मध्यप्रदेश देश में 21वें स्थान पर है। प्रदेश के सबसे बड़े शहर भोपाल और इंदौर इस मामले में बहुत पीछे है। टॉप-10 जिलों की लिस्ट से भी बाहर हो गए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- नए आपराधिक कानूनों के पालन में मध्यप्रदेश को देश में 21वीं रैंक मिली है।
- यह रैंक पहले से बेहतर हुई है। लेकिन कई राज्य अभी भी आगे हैं।
- केंद्र की त्रैमासिक समीक्षा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
- पुलिस को तय समय में जांच पूरी करने में दिक्कत आ रही है।
जानकारों का कहना है कि एमपी पुलिस खुद को मजबूत करने में जुटी है। फिर भी अभी और काम करने की जरूरत है। तभी प्रदेश टॉप-10 राज्यों की सूची में जगह बना सकेगा।
क्या हैं नए नियम
वहीं रेप, मर्डर जैसे गंभीर मामलों में जांच 90 दिन के भीतर पूरी कर चालान पेश करना जरूरी है। इन मामलों में उम्रकैद या मौत की सजा का प्रावधान है।
पड़ोसी राज्य कहां खड़े हैं
उत्तरप्रदेश 14वीं रैंक पर है। इन राज्यों की पुलिस ने जांच, चालान पेश करने और ई-साक्ष्य जुटाने में तेजी दिखाई। इसी वजह से इनकी रैंक मप्र से अच्छी रही।
एमपी के कौन से जिले आगे
हरदा में 81.82% और डिंडौरी में 81.71% जांचें पूरी हुईं। नर्मदापुरम और खरगोन भी इस सूची में शामिल हैं।
60 दिन की समय सीमा में भी बड़वानी सबसे आगे रहा है। यहां 85.59% जांचें पूरी हुईं। झाबुआ, हरदा, पन्ना और उमरिया भी अच्छी स्थिति में हैं।
कौन से जिले सबसे पीछे
दतिया, मऊगंज और मंदसौर भी पिछड़े जिलों में शामिल हैं। 60 दिन की समय सीमा में रीवा सबसे पीछे रहा है। यहां सिर्फ 50.1% जांचें पूरी हुईं।
मऊगंज, सीधी, मुरैना और छिंदवाड़ा भी इस सूची में आते हैं। इन जिलों में पुलिस को रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है।
भोपाल-इंदौर भी पीछे
इंदौर ग्रामीण में भी हालत बेहतर नहीं रही। 90 दिन में सिर्फ 58.51% केसों की ही जांच हो सकी। ई-साक्ष्य जुटाने में भी इंदौर टॉप-10 जिलों से बाहर रहा है।
ई-साक्ष्य जुटाने की स्थिति
वहीं मैहर, मुरैना, पन्ना और नरसिंहपुर सबसे पीछे रहे। जीआरपी भोपाल भी इस मामले में फिसड्डी साबित हुआ।
FAQ
- मध्यप्रदेश को बीएनएस पालन में कौन सी रैंक मिली है?
मध्यप्रदेश को देश में 21वीं रैंक मिली है। यह रैंक पहले से सुधरी है। फिर भी पड़ोसी राज्यों से पीछे है। - बीएनएस के तहत जांच पूरी करने की समय सीमा क्या है?
10 साल से कम सजा वाले मामलों में 60 दिन की समय सीमा है। गंभीर मामलों में यह सीमा 90 दिन है।
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