मध्य प्रदेश में बियर का संकट, शराब ठेकेदार परेशान, अधिकारियों से हो रही रोज डिमांड
मध्य प्रदेश में शराब के शौकीनों को बियर की तंगी हो रही है। शराब दुकानों पर बियर नहीं पहुंच रही है। राज्य में हर दिन एक लाख 40 हजार बियर पेटी की मांग है, लेकिन इसकी पूर्ति अभी एक लाख से भी नीचे चल रही है।
शराब ठेकेदार जो अप्रैल से जून के तीन माह (एमपी में गर्मी) में ही बियर बेचकर अपनी आधी से ज्यादा ड्यूटी भरने की स्थिति में होते थे, उनकी हालत खराब है। ठेकेदार हर दिन अधिकारियों को फोन घनघना कर बियर की पेटियों की मांग कर रहे हैं।
आबकारी आयुक्त ने दिए व्यवस्था के आदेश
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि हर दिन 98 हजार पेटी बियर दुकानों तक पहुंचाई जाए। पूरे प्रदेश के 14 वेयरहाउस पर कोटा तय कर दिया गया है, ताकि बियर की सप्लाई की जा सके।
लाइसेंसी ठेकेदारों के ठेके के हिसाब से बियर की सप्लाई करनी है, लेकिन ऊपर से ही बियर की कमी हो रही है। इससे ठेकेदारों को कोटे से भी कम बियर मिल रही है।
- इंदौर के वेयरहाउस से सबसे ज्यादा 28 हजार बियर पेटी सप्लाई करने का आदेश दिया गया है।
- इसके बाद भोपाल से 13 हजार 500 पेटी, उज्जैन से 8 हजार, खरगोन और रीवा से 6-6 हजार पेटी, और जबलपुर से 5 हजार 500 पेटी सप्लाई करने के लिए कहा गया है।
- इसी तरह ग्वालियर, सिवनी, रतलाम वेयरहाउस से हर दिन 5-5 हजार पेटी सप्लाई (beer bottle) के लिए कहा गया है।
सोम से सप्लाई बंद और गुजरात लाइन से हालत खराब
वहीं जानकारों का कहना है कि सप्लाई में कमी की बड़ी वजह सोम डिस्टिलरीज भी है, जो पहले सप्लाई का 30 से 35 फीसदी हिस्सा देती थी। अब यह पूरी तरह बंद हो गई है। एमपी में हर दिन 1 लाख 40 हजार पेटी बियर की मांग है, लेकिन अब सप्लाई 1 लाख पेटी से भी कम हो गई है।
उधर, गुजरात लाइन चलाने वाले ब्लैकर का मप्र में नया गठबंधन बन गया है। अब इंदौर की बजाय बियर अन्य रूट से गुजरात भेजी जा रही है। इससे कई ठेकेदारों के कोटे की बियर गुजरात पहुंच रही है। स्थानीय ठेकेदारों की हालत खराब हो रही है।
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