भागीरथपुरा कांड के बाद जागी सरकार: अब हर कुएं,बावड़ी, बोरिंग का बनेगा हेल्थकार्ड

Sanjay Dhiman | Jul 27, 2026, 19:15 IST
Share
bhagirathpura-water-health-report-card-mp
bhagirathpura-water-health-report-card-mp

भागीरथपुरा में दूषित पानी से 35 मौतें हुई थीं, जिसे सरकार ने जल-जनित महामारी माना। एनजीटी के निर्देश पर प्रदेश स्तर पर नई मॉनिटरिंग सेल बनी है। 55 जिलों में अब सभी नदी, तालाब और भूजल स्रोतों का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा, जियो टैगिंग होगी।

भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में यह जल-जनित महामारी पाई गई। एनजीटी के निर्देश पर अब सभी 55 जिलों के पर्यावरण प्लान बदले गए हैं। इंदौर में जल स्रोतों की सेहत जांचने के लिए नई मॉनिटरिंग सेल बनी है। हर कुएं, तालाब और नदी का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा।

क्या हुआ था भागीरथपुरा में

भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े थे। इस हादसे में 35 लोगों की जान चली गई। सरकार ने इसे दूषित पानी से फैली महामारी माना है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की कमेटी ने इसकी जांच की।

जांच रिपोर्ट में पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया मिला। साथ ही कई अन्य दूषित तत्व भी पाए गए। इस रिपोर्ट को अब इंदौर के नए जल सुरक्षा प्लान में शामिल किया गया है। इसी आधार पर सभी जिलों से जानकारी मांगी गई है।

एनजीटी के निर्देश पर बदलाव

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी – National Green Tribunal) के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी 55 जिलों के पर्यावरण प्लान संशोधित किए हैं। हर जिले में पानी की गुणवत्ता जांचना अब जरूरी होगा। इंदौर में इसके लिए अलग मॉनिटरिंग सेल बनाई गई है।

यह सेल जिले के सभी जल स्रोतों की निगरानी करेगी। नदी, तालाब और अन्य स्रोतों की जांच नियमित होगी। जल स्रोतों की जियो टैगिंग भी की जाएगी। इससे हर स्रोत की स्थिति साफ पता चलेगी।

इंदौर की नई जल योजना

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार पूरे जिले के लिए नई योजना तैयार की गई है। इस योजना में जल स्रोतों के संरक्षण पर खास फोकस रहेगा। सतही पानी, भूजल और परंपरागत स्रोतों को बचाने पर काम होगा। कुएं और बावड़ी जैसे पुराने स्रोत भी शामिल हैं।

दूषित पानी के उपचार पर भी योजना में जोर दिया गया है। वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेल नियमित रूप से पानी की जांच करेगी। इससे समय रहते समस्या पकड़ में आ सकेगी।

नौ सूत्री कार्ययोजना

सरकार ने पानी बचाने के लिए 9 बिंदुओं की योजना बनाई है। इसमें सतही पानी और ग्राउंड वॉटर दोनों शामिल हैं। परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। दूषित पानी के उपचार को प्राथमिकता दी गई है।

यह योजना नदी, तालाब और भूजल तीनों को कवर करती है। हर स्रोत के लिए अलग रणनीति बनाई गई है। इससे पानी की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

होने वाले प्रमुख बदलाव

जिले की सभी नदियों और तालाबों को चिह्नित किया जाएगा। जो हिस्से प्रदूषित हैं, उन्हें अलग से पहचाना जाएगा। हर जल स्रोत का गुणवत्ता के आधार पर हेल्थ रिपोर्ट कार्ड बनेगा।

यह काम प्रदूषण बोर्ड, पीएचई (PHE – Public Health Engineering) और नगर निगम मिलकर करेंगे। दूषित पानी के हॉट स्पॉट भी चुने जाएंगे। कान्ह और सरस्वती नदी पर कई हॉट स्पॉट पहले से मौजूद हैं।

नदी के पानी की ऑनलाइन निगरानी पहले से हो रही है। अब इन जगहों पर सुधार का काम शुरू होगा। नदी-तालाबों को कचरे और अतिक्रमण से भी बचाया जाएगा।

भूजल और सीवरेज पर फोकस

भूजल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी। इससे हर स्रोत की सही लोकेशन दर्ज होगी। वॉटर हार्वेस्टिंग और वॉटर रिचार्जिंग को भी बढ़ाया जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का ईवीएन अलर्ट ऐप शिकायत के लिए बनाया गया है। इसके जरिए दूषित पानी की शिकायत सीधे दर्ज हो सकेगी। ऑनलाइन सिस्टम से शिकायतों का निवारण भी तेज होगा। सीवरेज का पानी जल स्रोतों में न मिले, यह सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

FAQ

  1. भागीरथपुरा हादसे में कितनी मौतें हुई थीं?
    भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हुई थी। जांच में इसे जल-जनित महामारी बताया गया।
  2. अब जल स्रोतों की जांच कैसे होगी?
    हर जल स्रोत का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड बनाया जाएगा। इंदौर की मॉनिटरिंग सेल नियमित निगरानी करेगी।
  3. दूषित पानी की शिकायत कहां करें?
    प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ईवीएन अलर्ट ऐप पर शिकायत की जा सकती है। ऑनलाइन सिस्टम से भी निवारण किया जाएगा।
यह खबरें भी पढ़ें...

भागीरथपुरा जल प्रदूषण पर NGT सख्त, बोला-जांच आयोग की रिपोर्ट अहम

भागीरथपुरा दूषित पानी से हुई मौतों पर 6 माह में भी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं, आज सुनवाई

भागीरथपुरा की राह पर रतलाम, कुएं का दूषित पानी पीने से सौ से ज्यादा बीमार

शिशुकुंज स्कूल के पानी में भागीरथपुरा कांड वाला कोलीफार्म बैक्टीरिया, फूड सैंपल फेल

Tags:
  • एनजीटी
  • दूषित पानी
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
  • PHE
  • कलेक्टर शिवम वर्मा
  • लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग
  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण
  • भागीरथपुरा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई